दुर्जय पासवान, गुमला
गुमला सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में ब्लड खत्म हो गया है. इससे गुमला के मरीज परेशान हैं. जिन मरीजों को ब्लड की जरूरत है. वे ब्लड के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं. दूसरे लोगों से रक्तदान कर मरीज की इलाज में मदद की गुहार लगाते नजर आ रहे हैं. ब्लड खत्म होने से अस्पताल प्रशासन भी लाचार है. डॉक्टर आनंद किशोर उरांव के अनुसार एक दिन में कम से कम विभिन्न मरीजों को 15 यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है. लेकिन कुछ दिनों से ब्लड की कमी के कारण परेशानी हो रही है.
यहां बताते चलें कि गुमला अस्पताल में ब्लड की जिस प्रकार की कमी हुई है. मरीजों की परेशानी बढ़ गयी है. इसलिए अपील है, मौका दीजिये अपने खून को, किसी के रगों में बहने का. ताकि मरते हुए को हम जीवनदान दे सकें. जी हां रक्तदान महादान है और खून की कमी से मरने वालों को हम तभी बचा सकते हैं. जब हम खुद रक्तदान करें. अस्पताल प्रशासन भी लोगों से रक्तदान की अपील कर रहा है.
ब्लड डोनेट कर एक शख्स दूसरे शख्स की जान बचा सकता है. 18 साल से अधिक उम्र की स्त्री-पुरुष, जिनका वजन 50 किलोग्राम या अधिक हो, वर्ष में तीन-चार बार ब्लड डोनेट कर सकते हैं. ब्लड डोनेट करने के बाद आप पहले की तरह ही कामकाज कर सकते हैं. इससे शरीर में किसी भी तरह की कमी नहीं होती है.
इधर, ब्लड बैंक के लैब टेक्नीशियन राकेश कुमार ने कहा कि फिलहाल में ब्लड बैंक में मात्र तीन यूनिट ब्लड है. इसमें दो यूनिट एबी नेगेटिव व एक यूनिट बी पॉजिटिव ब्लड है. जरूरत से काफी कम ब्लड है. अगर किसी मरीज को ब्लड की जरूरत पड़ रही है तो गुमला के कुछ युवाओं से संपर्क कर ब्लड जुगाड़ किया जा रहा है.
दूसरी ओर, ब्लड डोनेट करने वाले कुछ युवकों ने कहा है कि हम ब्लड डोनेट करते हैं. लेकिन गुमला में कई ऐसे नेता व पदाधिकारी हैं जो पैरवी कराकर अमीरों को भी ब्लड दिला देते हैं. जिस कारण ब्लड खत्म होने से गरीब लोगों को ब्लड के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है.
