शहीद के गांव में पानी की किल्लत, शौचालय भी नहीं

बसिया(सिसई) : बसिया प्रखंड का फरसामा गांव, जो कि शहीद विजय सोरेंग का पैतृक गांव है, इस गांव में पीने के पानी की भारी किल्लत है. गांव में सात चापानल है, जिसमें तीन खराब हैं. शेष चापानल गर्मी के दस्तक के साथ ही जवाब देने लगा है. गांव के 60 प्रतिशत घरों में शौचालय भी […]

बसिया(सिसई) : बसिया प्रखंड का फरसामा गांव, जो कि शहीद विजय सोरेंग का पैतृक गांव है, इस गांव में पीने के पानी की भारी किल्लत है. गांव में सात चापानल है, जिसमें तीन खराब हैं. शेष चापानल गर्मी के दस्तक के साथ ही जवाब देने लगा है. गांव के 60 प्रतिशत घरों में शौचालय भी नहीं बना है. जिस कारण लोग खुले में शौच जाते हैं.

ग्रामीणों ने कहा कि गांव में आरसी मीडिल स्कूल है, जहां 65 बच्चे हैं, जिन्हें एक शिक्षक पढ़ाते हैं. गांव के 65 प्रतिशत ग्रामीणों के पास राशन कार्ड नहीं है, जबकि सभी लोग यहां गरीबी में जी रहे हैं.

शहीद विजय की मां लक्ष्मी सोरेंग ने कहा कि बेटे को खोने का दुख नहीं है. बेटे की बहादुरी पर गर्व है, किंतु दुख इस बात की है कि जितने भी नेता व प्रशासनिक पदाधिकारी मिलने आये हैं, सभी के सामने बोरिंग करा कर पानी की व्यवस्था कराने की मांग की गयी, किंतु आज तक हमारी मांग पर किसी ने ध्यान नहीं दिया.

प्रभात खबर के माध्यम से प्रशासन से एकबार और अपील करते हैं कि गांव में पानी के संकट को दूर किया जाये. ग्रामीण संजय इंदवार, ब्रिसयुस टेट, बरासिल टेटे, अजीत टेट, फुलजम टेटे व संजय महतो ने कहा कि शहीद विजय सोरेंग पर हम लोगों को गर्व है. देश की रक्षा के लिए शहीद विजय शहीद हुए, लेकिन आज शहीद का गांव प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है. इस गांव को प्रशासन गोद लेकर इसे मॉडल गांव के रूप में विकसित करना चाहिए. गांव की हालत पहले जैसे थी, आज भी वैसी ही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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