गुमला : जिले के सिसई प्रखंड के गोकुलपुर पतराटोली गांव में कर्ज से दबे किसान शिवनाथ उरांव (40) ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. घटना बुधवार देर शाम की है. किसान ने जब फांसी लगायी, उस वक्त घर पर कोई नहीं था. मृतक की पत्नी तेतरी देवी ने कहा कि मेरे पति ने बैंक ऑफ इंडिया (सिसई शाखा) से 50 हजार रुपये केसीसी लोन लिया था.
कर्ज चुकाने को लेकर वह कुछ दिनों से तनाव में थे. वहीं, पीएम आवास योजना की पूरी राशि नहीं मिलने के कारण घर भी अधूरा था. पत्नी ने कहा कि केसीसी लोन चुकाने व घर बनाने के लिए उसनेे यूपी के ईंट भट्ठा में कुछ दिन काम किया.
उसने ईंट भट्ठा मालिक से 20 हजार रुपये कर्ज भी लिया था. तंगी के कारण खेत भी उसनेे बंधक रख दिया था. 24 फरवरी से उसे ईंट भट्ठा पर काम करने जाना था. इसी बीच, मानसिक दबाव में शिवनाथ ने आत्महत्या कर ली. रोते हुए पत्नी तेतरी देवी ने कहा कि अब उसके छह बच्चों की परवरिश कौन करेगा.
सुखाड़ ने ले ली शिवनाथ की जान
समाजसेवी दामोदर सिंह ने कहा कि शिवनाथ के पास 90 डिसमिल जमीन थी. उसने इस साल खेती करने के लिए 50 हजार रुपये केसीसी लोन लिया था. सुखाड़ के कारण उसकी फसलें बर्बाद हो गयीं. वह केसीसी लोन चुकाने के लिए मजदूरी करने लगा. तनाव के कारण ही उसने आत्महत्या कर ली.
दाह संस्कार के लिए 3500 रुपये दिये
किसान शिवनाथ की मौत की सूचना पर बीडीओ मनोरंजन कुमार व सीओ सुमंत तिर्की उसके घर पहुंचे. उन्होंने परिजनों से घटना की जानकारी ली. उन्होंने दाह संस्कार के लिए 3500 रुपये परिजनों को दिये. साथ ही डीलर को 50 किलो चावल पीड़ित परिवार को देने का निर्देश दिया है. समाजसेवी दामोदर सिंह ने तीन हजार रुपये की सहयोग राशि दी.मृत्यु क्यों हुई है. यह जांच का विषय है. पीएम आवास के लिए 1.10 लाख रुपये दिया गया था. सेंटरिंग खुलने के बाद बाकी बचे 20 हजार रुपये दिये जाते. कर्ज कितना बकाया था. इसकी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.
मनोरंजन कुमार, बीडीओ, सिसई
