कोरवा जाति खुद निबटाती है विवाद

गुमला : अलबर्ट एक्का जारी प्रखंड के ऊंचे पहाड़ और घने जंगलों में स्थित कोरबा जाति के तीन गांव उरईकोना, बंधकोना और गुरुदकोना है. यहां कोरबा जातियों का अपना शासन चलता है. इन तीनों गांवों में 40 परिवार के लोग रहते हैं. गांव में कोई विवाद हो जाये, तो पंचायत लगा कर खुद ही निपटारा […]

गुमला : अलबर्ट एक्का जारी प्रखंड के ऊंचे पहाड़ और घने जंगलों में स्थित कोरबा जाति के तीन गांव उरईकोना, बंधकोना और गुरुदकोना है. यहां कोरबा जातियों का अपना शासन चलता है. इन तीनों गांवों में 40 परिवार के लोग रहते हैं. गांव में कोई विवाद हो जाये, तो पंचायत लगा कर खुद ही निपटारा करते हैं.

एक हत्या का मामला छोड़ दिया जाये, तो एक भी मामला थाना व कोर्ट तक नहीं पहुंचा है. यहां की खासियत यह है कि लोग डायन-बिसाही नहीं मानते हैं, जबकि इस गांव में शिक्षा का स्तर भी ठीक नहीं है. गांव में कोई भी मैट्रिक पास नहीं है. लेकिन इस गांव के लोग दु:खी इस बात को लेकर हैं कि अभी तक गांव का विकास नहीं हो सका है. इस गांव में अभी तक कोई प्रशासनिक मुलाजिम या नेता नहीं पहुंचे हैं.

गांव के कीरतो कोरबा, मोहन कोरबा, बिरसू कोरबा, टुंयु कोरबा, सहदु कोरबा, रमस कोरबा, सुखु कोरबा आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बिरसा आवास योजना के तहत 29 कोरवा परिवार का चयन हुआ था. पर, अभी तक आवास अधूरा है. गांव में छह माह पूर्व बिजली पोल व तार लगे हैं, पर बिजली नहीं जली है. गांव का एक मात्र चापानल खराब पड़ा हुआ है. लोग डोभा व कुआं के पानी पर आश्रित हैं. गांव में प्रवेश करने से पूर्व रास्ते मेंपड़नेवाली छोटी नदी व नाला पार करना पड़ता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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