गुमला : आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविका व सहायिकाओं ने अपनी 13 सूत्री मांगों को लेकर गुरुवार को गुमला कचहरी परिसर में धरना-प्रदर्शन किया. धरना-प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा. धरना-प्रदर्शन में संघ की राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य ग्रेस होरो ने कहा कि संघ के प्रयास के बाद केंद्र सरकार ने आंगनबाड़ी कर्मचारियों के मानदेय में आंशिक रूप से बढ़ोत्तरी की है.
परंतु इतनी कम राशि में गुजारा करना संभव नहीं है. ऐसे में 18 हजार रुपये प्रति माह एवं सामाजिक सुरक्षा की मांग जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि झारखंड को छोड़ कर अन्य प्रदेशों में मानदेय एवं पोषाहार प्रत्येक माह नियमित रूप से मिल रहा है, परंतु हमारे झारखंड राज्य की स्थिति खराब है. सरकार को सेविका व सहायिकाओं की चिंता नहीं है. सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मानदेय व पोषाहार प्रत्येक माह मिले.
संगठन मंत्री रामचंद्र गोप ने कहा कि देश के सभी राज्यों में सरकार ने अतिरिक्त मानदेय में काफी बढ़ोत्तरी की है, परंतु झारखंड में सरकार अतिरिक्त मानदेय में बढ़ोत्तरी नहीं कर रही है. इस संबंध में राज्य के सभी जिलों से सरकार को मांग पत्र दिया जा रहा है, परंतु सरकार अतिरिक्त मानदेय बढ़ोत्तरी में पहल तक नहीं की है. प्रदेश उपाध्यक्ष फुलमती देवी ने कहा कि झारखंड सरकार आंगनबाड़ी कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है.
भाजपा शासित सभी प्रदेशों में सरकार 10 हजार रुपये से ऊपर मानदेय दे रही है, परंतु झारखंड में सरकार सिर्फ मंत्री एवं विधायकों का वेतन बढ़ाने में मशगूल है. यदि हमारी मांगे पूरी नहीं होती है, तो उग्र आंदोलन करेंगे. धरना-प्रदर्शन को सत्यप्रभा देवी, तारा देवी, सुशीला मिंज, सुनीता लकड़ा, शशिकला देवी, नीलम कंडुलना व वीणा देवी ने भी संबोधित किया. मौके पर ममता देवी, फूलमती देवी, सुनीता लकड़ा, सुभद्रा देवी व पूर्णिमा देवी सहित आंगनबाड़ी कर्मचारी उपस्थित थे.
