बसिया(गुमला) : प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के सबजोनल कमांडर कृष्णा गोप (30) को बसिया पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है. उस पर झारखंड पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. पुलिस ने बसिया निवासी और दस्ता सदस्य ओम प्रकाश पाठक को भी पकड़ा है. उससे पूछताछ की जा रही है.
पुलिस को मुठभेड़ स्थल से तीन पिस्तौल व आठ कारतूम भी मिले हैं. पुलिस के अनुसार कृष्णा गोप एक साथी के साथ बसिया के बोंडेकेरा गांव से एक किमी दूर होंजोर बाजारटाड़ के समीप सुनील टोपनो के खेत में बने शेड में शरण लिये हुए था. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि संबंधित गांव में कुछ उग्रवादी जमे हुए हैं. इसके बाद एसपी अंशुमान कुमार के निर्देश पर पुलिस टीम का गठन किया गया.
गुरुवार की रात करीब 12 बजे पुलिस ने उग्रवादियों के छिपे स्थान की घेराबंदी की. पुलिस को देख कर उग्रवादियों की तरफ से फायरिंग शुरू कर दी गयी. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. इसमें कृष्णा की कनपट्टी में एक गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया.
इधर, मुठभेड़ में इनामी उग्रवादी के मारे जाने के बाद डीआइजी एवी होमकर, एसपी अंशुमान कुमार, डीएसपी दीपक कुमार, मजिस्ट्रेट अजय तिर्की, बीडीओ विजयनाथ मिश्र सहित कई अधिकारी घटनास्थल पहुंचे.
2013 से सक्रिय था कृष्णा
कामडारा के पारही गांव निवासी कृष्णा गोप पीएलएफआई में 2013 से सक्रिय था. वह एक बार जेल भी जा चुका है. जेल से निकलने के बाद उसने कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है. नरसंहार की एक घटना में भी वह शामिल रहा था. 2015 में कृष्णा को एरिया कमांडर बनाया गया था. इसके बाद 2018 में उसे सबजोनल कमांडर बनाया गया.
शांति सेना के कारण उग्रवादी बना
मृतक कृष्णा के भाई गोवर्द्धन गोप ने बताया कि उसका परिवार खेतीबारी करता है. कृष्णा भी खेतीबारी करता था. इलाके में जब भी कोई घटना घटती थी, शांति सेना के लोग उसके भाई को फंसा देते थे. इससे तंग आकर वह पीएलएफआई में चला गया. उसके सरेंडर करने की बात चल रही थी. लेकिन शुक्रवार को शांति सेना के सदस्यों ने ही बताया कि उसके भाई की हत्या हो गयी है. कृष्णा शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे हैं.
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कृष्णा अपने कुछ साथियों के साथ होंजोर के समीप खेत में बने शेड में शरण लिये हुए है. इस सूचना के बाद पुलिस पहुंची तो उनसे मुठभेड़ हो गयी, जिसमें कृष्णा मारा गया.
अंशुमान कुमार, एसपी, गुमला
