साहब, रोजी रोजगार छिन गयी, बच्चों को कैसे पढ़ायें

गुमला : गुमला शहर के फुटपाथ दुकानदार मंगलवार को उपायुक्त से मिले. दुकान लगाने के लिए स्थायी व्यवस्था होने तक पीडब्ल्यूडी की दीवार से सटा कर दुकान लगाने की अनुमति मांगी. दुकानदारों ने डीसी के समक्ष अपना दुखड़ा भी सुनाया. कहा : 10 दिनों से अतिक्रमण की मार झेल रहे हैं. रोजी-रोजगार छिन गयी है. […]

गुमला : गुमला शहर के फुटपाथ दुकानदार मंगलवार को उपायुक्त से मिले. दुकान लगाने के लिए स्थायी व्यवस्था होने तक पीडब्ल्यूडी की दीवार से सटा कर दुकान लगाने की अनुमति मांगी. दुकानदारों ने डीसी के समक्ष अपना दुखड़ा भी सुनाया. कहा : 10 दिनों से अतिक्रमण की मार झेल रहे हैं. रोजी-रोजगार छिन गयी है. जब पैसे नहीं हैं, तो फिर अपने बच्चों को कैसे पढ़ायेंगे.
अभी जो स्थिति है, दो वक्त की रोटी के लिए सोचना पड़ रहा है. क्योंकि पहले हम फुटपाथ में दुकान लगा कर जो कमाते थे, उससे घर का चूल्हा जलता था. परंतु दुकान नहीं लगाने से कमाई नहीं हो रही है. दुकानदारों ने बताया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान चला कर फुटपाथ में दुकान लगाने वाले लोगों को हटा दिया गया है.
अभी बरसात का समय है. दुकान हटने से परिवार के भरण-पोषण में भारी परेशानी हो रही है. सबसे ज्यादा परेशानी ठेला वालों को हो गयी है. सब्जी बेचने वाले तो कहीं भी बैठ कर सब्जी बेच ले रहे हैं, लेकिन ठेला वालों को हटा देने से उनके सामने विकट समस्या उत्पन्न हो गयी है. समस्या सुनने के बाद डीसी ने कहा कि दुकान उपलब्ध करायी जायेगी. मैंने नगर परिषद के अधिकारी को बुलाया है. उनसे बात कर कोई
व्यवस्था की जायेगी.
डीसी से मिलने वालों में विनय गोप, खिलेश्वर सिंह, संजय केसरी, प्रशांत शाह, ओमप्रकाश गोप, रघुनंदन केसरी, विजय साव, उपेंद्र महतो, विनय प्रसाद केसरी, भिखेश्वरी नागमणि, महेश गोप व विवेक कुमार सहित अन्य दुकानदार शामिल हैं.

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