गुमला : पालकोट प्रखंड की 12 वर्षीय एतवारी कुमारी प्रताड़ना के बाद सीडब्ल्यूसी के संरक्षण में है. बताया जा रहा है कि एतवारी जब प्रताड़ित हो रही थी, तो उसने अपने पिता से कहा था कि मैं रांची में काम करना नहीं चाहती हूं. लेकिन उसके पिता ने अपनी बेटी की बात नहीं सुनी. जिसका नतीजा है कि एतवारी को कूलर से जला दिया गया था और बेरहमी से पिटाई की जाती थी.
इसके बाद वह भाग कर गुमला पहुंची और उसे अभी चाइल्ड वेलफेयर कमेटी अपने संरक्षण में रखे हुए है. जैसा पीड़िता ने बताया है कि उसके पिता उसकी कमाई का महीना में 500 रुपये रांची जाकर घर मालिक से लेते थे. जबकि सीडब्ल्यूसी की जांच में पता चला है कि पिता जो पैसा उठाता था. उस पैसे से वह शराब पीता था. जबकि कई बार उसकी बेटी ने अपने प्रताड़ना की जानकारी परिजनों को दी थी. लेकिन उसके परिजन एतवारी को बचाने का प्रयास नहीं किये.
हालांकि अब एतवारी सीडब्ल्यूसी के संरक्षण में आने के बाद डर से बाहर निकल चुकी है.एतवारी चूंकि मात्र एक कक्षा तक पढ़ी है. इसलिए सीडब्ल्यूसी उसे पढ़ाने का मन बना रही है. इधर, जिस घर में एतवारी काम करती थी, जहां उसे प्रताड़ित किया गया है. सीडब्ल्यूसी द्वारा पहले उस परिवार को नोटिस भेजा जायेगा. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
