ठाकुरगंगटी थाना क्षेत्र के चजोरा गांव निवासी 23 वर्षीय कुमोद यादव का शव सोमवार को अंटाडीह गांव के बहियार स्थित एक डोभा से बरामद होने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गयी. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गयी. मृतक कुमोद यादव स्वर्गीय उमाकांत यादव का पुत्र था. मृतक की मां मोसमात शीला देवी ने रोते-बिलखते बताया कि उनका पुत्र शनिवार को प्रतिदिन की तरह मवेशी चराने बहियार गया था. उस समय वह स्वयं धान की रोपाई करने खेत गयी थीं. शाम करीब सात बजे घर लौटने पर उन्होंने देखा कि मवेशी दरवाजे पर बंधे हुए हैं, लेकिन उनका पुत्र घर नहीं लौटा है.
पूछताछ करने पर पता चला कि मवेशियों को कोई अन्य व्यक्ति घर पहुंचाकर चला गया था. इसके बाद परिजनों ने शनिवार रातभर उसकी तलाश की. रविवार को भी नदी, नाला, तालाब और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की गयी, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला. बाद में परिजनों ने ठाकुरगंगटी थाना में गुमशुदगी की सूचना दी. सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे ग्रामीणों के साथ तलाश के दौरान अंटाडीह गांव के बहियार स्थित डोभा में उसका शव पानी में तैरता मिला. मृतक की मां ने आरोप लगाया कि उनके पुत्र की हत्या कर शव को डोभा में फेंका गया है. घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने भी बताया कि कुमोद यादव शांत और सरल स्वभाव का युवक था.
लोगों का कहना था कि उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गयी है. हालांकि, पुलिस ने अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. बताया गया कि मृतक दो भाइयों में छोटा था. उसका बड़ा भाई परिवार के भरण-पोषण के लिए कुछ माह पूर्व मजदूरी करने आंध्र प्रदेश गया हुआ है. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल है. इधर, ठाकुरगंगटी थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. थाना प्रभारी राजन कुमार राम ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गयी है. उन्होंने कहा कि परिजनों से लिखित आवेदन प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
