गोड्डा. गोड्डा सदर प्रखंड के ककना गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का शनिवार को सुदामा मिलन प्रसंग के साथ भव्य समापन हुआ. कथा के अंतिम दिन भगवान श्रीकृष्ण और उनके बाल सखा सुदामा के निस्वार्थ प्रेम की कथा सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो उठे. कथावाचक चंदन शरण जी महाराज ने सुदामा चरित्र का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची मित्रता में ऊंच-नीच तथा अमीरी-गरीबी का कोई महत्व नहीं होता. उन्होंने कहा कि जब दरिद्र अवस्था में सुदामा अपने मित्र श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका पहुंचे, तो भगवान ने उनका आदर-सत्कार किया और बिना मांगे ही उन्हें समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान किया. कथा के दौरान सुदामा मिलन की झांकी प्रस्तुत की गयी, जिसे देखकर पंडाल “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा. इस दृश्य को देखकर कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गयी. इस अवसर पर कथावाचक ने श्रद्धालुओं से बच्चों को कथा श्रवण के लिए साथ लाने की अपील की. माता-पिता की सेवा को ईश्वर भक्ति का सर्वोच्च माध्यम बताया. समापन अवसर पर फूलों की होली खेली गयी. भजनों पर भक्तों ने उत्साहपूर्वक नृत्य किया. आयोजन समिति ने बताया कि कथा आयोजन का उद्देश्य समाज में भक्ति और सद्भावना का संदेश देना था.
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