नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपी को 25 वर्ष की सश्रम कारावास

विशेष पोक्सो न्यायाधीश ने लगाया ₹50,000 जुर्माना, अन्य आरोपियों पर चल रही है सुनवाई

गोड्डा स्थित पोक्सो के विशेष न्यायाधीश सह प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमार पवन की अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी प्रवीण मुर्मू को दोषी करार देते हुए 25 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही उस पर ₹50,000 का आर्थिक दंड भी लगाया गया है. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जुर्माना नहीं चुकाने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. प्रवीण मुर्मू को पोक्सो अधिनियम की धारा 06 के तहत दोषी पाया गया. अदालत ने पीड़िता को मुआवजा देने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार को भी निर्देशित किया है.

2018 में विवाह समारोह के दौरान हुई थी घटना

घटना 6 मई 2018 की है, जब पीड़िता एक विवाह समारोह में शामिल होने पथरगामा गयी थी. रात करीब 10 बजे वह विवाह स्थल से बाहर शौचालय के लिए निकली, तभी हरकट्टा गांव के रोशन मुर्मू ने उसका अपहरण कर लिया. इसके बाद अन्य आरोपित सिमोन मुर्मू, नीरज किस्कू, प्रवीण मुर्मू, प्रदीप मुर्मू, नीरज मुर्मू, रजिन मुर्मू और रोबिन मुर्मू ने मिलकर सुनसान बहियार में पीड़िता के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया. घटना के बाद पीड़िता बेहोश हो गयी. होश में आने पर उसने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. 7 मई 2018 को पीड़िता ने पथरगामा थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी, जिसके आधार पर पुलिस ने 8 मई को सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया.

अन्य आरोपियों का मामला विचाराधीन

अभियोजन पक्ष की ओर से दर्जनों गवाहों की गवाही करायी गयी. सबूतों और दलीलों के आधार पर न्यायालय ने प्रवीण मुर्मू को दोषी करार देते हुए कठोर सजा दी. वहीं, अन्य आरोपियों का मामला अभी अलग-अलग न्यायिक प्रक्रिया के तहत विचाराधीन है.

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Author: SANJEET KUMAR

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