झारखंड आंदोलन के प्रणेता, झामुमो के संस्थापक एवं पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर मंगलवार को गोड्डा के गांधी मैदान में सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. श्रद्धांजलि सभा में जिले भर से हजारों की संख्या में लोग, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता शामिल हुए.
वक्ताओं ने गुरुजी के संघर्ष को किया याद
कार्यक्रम की शुरुआत दिशोम गुरु के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने तथा दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ हुई. इसके बाद विभिन्न दलों के नेताओं ने अपने संबोधन में गुरुजी के संघर्षपूर्ण जीवन, झारखंड आंदोलन में उनके योगदान और सामाजिक न्याय के प्रति उनके समर्पण को याद किया. सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं बोरियो विधायक धनंजय सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश में आदिवासियों की पहचान, सम्मान और अधिकारों की सबसे सशक्त आवाज थे. उन्होंने कहा कि उनके निधन से एक युग का अंत हुआ है, लेकिन जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष हमेशा प्रेरणा देता रहेगा.
हर जिले में गुरुजी की प्रतिमा लगाने की मांग
पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि दिशोम गुरु की आदमकद प्रतिमा की स्थापना स्वागतयोग्य कदम है. उन्होंने इसके लिए झारखंड सरकार को बधाई देते हुए कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में उनकी प्रतिमा स्थापित होना उनके संघर्ष और विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा. झामुमो के जिलाध्यक्ष प्रेमनंदन मंडल ने कहा कि गुरुजी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, आदर्श और संघर्ष सदैव जीवित रहेंगे. सभा का समापन दिशोम गुरु अमर रहें और जोहार गुरुजी के नारों के साथ हुआ. कार्यक्रम का संचालन झामुमो के जिला सचिव बासुदेव सोरेन ने किया. इस अवसर पर राजद के जिलाध्यक्ष धनंजय यादव, मंत्री पुत्र रजनीश यादव, अर्कादित्य यादव, झामुमो के प्रखंड एवं पंचायत अध्यक्षों सहित विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
