गोड्डा : लोकमंच की साहित्यिक शाखा की ओर से स्थानीय विद्यापति भवन सभागार में तुलसी जयंती सप्ताह समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में वक्ताओं और कवियों ने गोस्वामी तुलसीदास को शब्द-सुमन अर्पित किये. इस अवसर पर मंच की ओर से एक नया आयाम जोड़ते हुए एसडीओ बैद्यनाथ उरांव को उनके प्रकाशित एवं चर्चित काव्य संग्रह अरन्या : मेरी इक्यावन कविताएं के लिए प्रथम तुलसी साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया.
दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसडीओ बैद्यनाथ उरांव और विशिष्ट अतिथि जिला खेल पदाधिकारी डॉ. प्राण महतो ने दीप प्रज्वलित कर तथा संत कवि तुलसीदास के चित्र पर माल्यार्पण कर किया. इसके बाद विचार गोष्ठी की शुरुआत मंच के सचिव सर्वजीत झा ने की. गोष्ठी की अध्यक्षता शिव कुमार भगत ने की.
तुलसीदास के साहित्यिक योगदान पर चर्चा
विचार गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने गोस्वामी तुलसीदास के साहित्यिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला. रामचरितमानस, हनुमान चालीसा और विनय पत्रिका सहित उनकी विभिन्न रचनाओं के साहित्यिक एवं सामाजिक महत्व पर चर्चा की गयी.
वक्ताओं ने कहा कि तुलसीदास की रचनाएं आज भी समाज को नैतिकता, भक्ति और मानवीय मूल्यों का संदेश देती हैं.
सम्मान को बताया गौरव की बात
सम्मान ग्रहण करने के बाद एसडीओ बैद्यनाथ उरांव ने कहा कि गोड्डा में तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान उनका इस जिले से आत्मीय लगाव हो गया है. उन्होंने कहा कि गोड्डा झारखंड की बौद्धिक राजधानी है और यहां से साहित्यिक सम्मान प्राप्त करना उनके लिए गौरव की बात है.
कार्यक्रम का संचालन सुरजीत झा ने किया. समारोह में साहित्यप्रेमी, कवि एवं स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे.
