ज्ञान और योग से ही मोक्ष की प्राप्ति : वेदानंद जी महाराज

उन्होंने संतमत ज्ञान को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि धर्म की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर संत भी शस्त्र उठा सकते हैं.

बड़ी बिसाहा गांव में जिला संतमत सत्संग का 78वां वार्षिक अधिवेशन संपन्न प्रतिनिधि, पथरगामा प्रखंड की बिसाहा पंचायत अंतर्गत बड़ी बिसाहा गांव में गोड्डा जिला संतमत सत्संग का 78वां वार्षिक अधिवेशन संपन्न हो गया. इस दौरान प्रवचन करते हुए आचार्य महर्षि वेदानंद जी महाराज ने सत्संग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि मोक्ष प्राप्ति के इच्छुक व्यक्ति के लिए ज्ञान और योग दोनों आवश्यक हैं. केवल धन देकर शरीर को बचाया जा सकता है, लेकिन ज्ञान व योग के बिना आत्मिक उत्थान संभव नहीं है. उन्होंने संतमत ज्ञान को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि धर्म की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर संत भी शस्त्र उठा सकते हैं. ज्ञानयुक्त योग ही मोक्ष के मार्ग को प्रशस्त करता है. आचार्य ने योग के आठ अंग—यम, नियम, आसन, प्राणायाम, धारणा, ध्यान और समाधि पर भी विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि चित्तवृत्ति का निरोध ही ध्यान योग है. योग में प्रगति के लिए सदाचार का पालन अत्यंत आवश्यक है. इसमें पूर्व जिला परिषद अध्यक्षा कल्पना देवी भी उपस्थित रहीं. अधिवेशन को सफल बनाने में संतमत सत्संग समिति बिसाहा के घनश्याम पंडित, प्रकाश महतो, प्रताप पंडित, निरंजन महतो आदि मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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