गोड्डा के ऐतिहासिक 26 जनवरी मेला का डाक एक करोड़ एक लाख रुपये में तय

पार्किंग वसूली का डाक 7.5 लाख में, नगर परिषद को कुल 1.34 करोड़ रुपये राजस्व की प्राप्ति

गोड्डा जिले का गौरव कहा जाने वाला 26 जनवरी मेला इस वर्ष रिकॉर्ड बोली के साथ डाक हो गया. नगर परिषद कार्यालय में हुई बोली प्रक्रिया में एसकेडी इंटरप्राइजेज के प्रो. सुमन कुमार दास और पवन कुमार गाडिया की संयुक्त टीम ने एक करोड़ एक लाख रुपये की ऊंची बोली लगाकर मेला का डाक अपने नाम किया. वहीं पार्किंग वसूली का डाक भी 7.5 लाख रुपये में सुमन कुमार दास के नाम गया. नगर परिषद के अनुसार मेला डाक से 18 प्रतिशत जीएसटी सहित लगभग 1.25 करोड़ रुपये तथा पार्किंग डाक से करीब 9 लाख रुपये मिलाकर कुल लगभग 1.34 करोड़ रुपये राजस्व की प्राप्ति होगी. बोली के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, हालांकि वास्तविक प्रतिस्पर्धा दो समूहों के बीच ही रही.

पिछले वर्ष से तीन गुना अधिक, मेला डाक में बना नया रिकॉर्ड

पिछले वर्ष 2024 में मेला का डाक मात्र 38 लाख रुपये में हुआ था. इस वर्ष डाक की राशि तीन गुना से अधिक पहुंच गयी, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. गोड्डा का यह मेला शहीदों की स्मृति में वर्ष 1955 से आयोजित किया जा रहा है. प्रारंभिक वर्षों में यह सरकारी मेला था, जिसमें बोली की परंपरा नहीं थी. लेकिन पिछले 25-30 वर्षों में मेला व्यावसायिक स्वरूप ले चुका है और डाक प्रणाली लागू हो गयी है. हालांकि नगर परिषद को भारी राजस्व प्राप्त होना सकारात्मक माना जा रहा है, लेकिन स्थानीय समाजसेवी और बुद्धिजीवी इस बढ़ती बोली को लेकर चिंतित हैं. उनका कहना है कि अत्यधिक डाक राशि का बोझ अंततः आम जनता की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि मेला में घूमने-फिरने और खरीदारी की लागत बढ़ सकती है.

इस बार समय से पहले हुई बोली, चुनाव को माना जा रहा वजह

पिछले वर्ष मेला का डाक इतनी जल्दी नहीं हुआ था, लेकिन इस बार दिसंबर के पहले सप्ताह में ही बोली कर ली गयी. संभावित नगर परिषद चुनाव और आचार संहिता लागू होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने जल्दबाजी में यह प्रक्रिया पूरी की, ताकि राजस्व प्राप्ति में कोई बाधा न आये.

पिछले वर्ष की प्रतिद्वंद्विता, इस बार नयी रणनीति

पिछले वर्ष मेला डाक के दौरान काफी हंगामा और मारपीट की घटना हुई थी. उस समय राजेश कुमार साह ने मेला का डाक अपने नाम कर लिया था. उनके साथ सुमन कुमार दास सहित कई लोग सहभागी थे, जबकि अनुभवी ठेकेदार रविंद्र पांडेय और पवन कुमार गाडिया पिछड़ गये थे. इस वर्ष रणनीति बदल गयी. पिछले साल के सहभागी को पीछे छोड़ते हुए पवन गाडिया और रविंद्र पांडेय ने सुमन कुमार दास के साथ नयी साझेदारी बनायी और ऊंची बोली लगाकर डाक जीत लिया. इस बार राजेश कुमार साह बोली में पिछड़ गये. गोड्डा जिले के सबसे बड़े और ऐतिहासिक मेले का बढ़ा हुआ डाक चर्चाओं में है. जहां नगर परिषद को इससे बड़ी आय होगी, वहीं स्थानीय लोगों में मेले की बढ़ती व्यावसायिकता को लेकर चिंता भी बढ़ रही है.

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By Sanjeet kumar

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