आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग तेज

8 सितम्बर से रांची में अनिश्चितकालीन धरना, 28 अगस्त को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन

आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, सेवानिवृत्ति के बाद पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता, मानदेय के आधे हिस्से के बराबर पेंशन एवं बीएलओ कार्य से मुक्ति जैसे मांगों को लेकर झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर आगामी आठ सितंबर से रांची में अनिश्चितकालीन धरना और 28 अगस्त को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है. इस संबंध में रविवार को पोड़ैयाहाट के सभा भवन में यूनियन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी, जिसकी अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष रंजू देवी ने की. बैठक में जिला अध्यक्ष माया देवी ने सेविका-सहायिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1975 से देश में आंगनबाड़ी योजना चल रही है, लेकिन आज भी सेविकाओं को न तो स्थायी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त है और न ही सेवा समाप्ति के बाद कोई सुविधा मिलती है. उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 36,500 सेविका-सहायिकाएं कार्यरत हैं, लेकिन 62 वर्ष की आयु पूरी होने पर उन्हें बिना किसी लाभ के बाहर कर दिया जाता है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. बैठक में तमन्ना खातून, अमृता ठाकुर, संगीता कुमारी, शशि देवी, बोरोनिका मरांडी, बीबी रसीदा खातून, नीलम देवी, पार्वती देवी, प्रमिला कुमारी, अरुणा, नयन कुमारी सहित कई सेविका-सहायिकाएं उपस्थित रहीं. सभी ने आगामी आंदोलनों में एकजुटता दिखाने का संकल्प लिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: SANJEET KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >