गोड्डा के बालू घाटों पर माफिया हावी, अवैध तस्करी पर रोक केवल कागजों पर

डांडे से लेकर कझिया नदी व गेरुआ से लेकर खट्टी तक अवैध उत्खनन

गोड्डा में बालू का अवैध कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है. दिन से लेकर रात के अंधेरे तक बालू की तस्करी खुलेआम हो रही है. बताया जाता है कि बालू माफिया संरक्षण में काम कर रहे हैं और अब पुलिस के लिए यह बड़ी चुनौती बन गया है. हाल ही में मुफस्सिल थाना क्षेत्र में पुलिस ने बालू से लदे ट्रैक्टर को पकड़ा था, लेकिन माफिया ने रंगदारी दिखाकर उसे छुड़ा लिया और पुलिस पर हमला कर दिया. घटना गोड्डा महागामा मुख्य मार्ग एनएच 133 के मालनी मोड़ के पास हुई थी. ट्रैक्टर चालक राहुल देव महतो को पुलिस ने पकड़ा था, तभी अमर यादव, सोनू यादव, लालू यादव और अन्य माफिया के गुर्गे मौके पर पहुंचे और चालक को छुड़ाने का प्रयास किया. जब ट्रैक्टर नहीं छुड़ा पाए तो पुलिस पर ही हमला कर दिया. एएसआई उमेश प्रजापति और एसआई रंजीत दुबे घायल हुए, एक आरक्षी का हाथ भी जल गया. पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई और आरोपी फरार हो गए. अमर यादव पर पहले से करीब सत्रह मामले दर्ज हैं. एसआई रंजीत दुबे के बयान पर मामला दर्ज किया गया है और पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. हालांकि बताया जाता है कि आरोपी को बड़े लोगों का संरक्षण प्राप्त है.

बालू घाट पर होती रहती हैं झड़प की घटनाएं

गोड्डा का सनातन घाट पहले से ही हिंसा और पुलिस पर हमले के लिए बदनाम रहा है. पथरगामा थाना क्षेत्र के इस बड़े घाट से प्रतिदिन डेढ़ सौ से अधिक ट्रक और हाईवा बालू बाहर भेजे जाते हैं. दिन में नदी से बालू निकालकर पास में डंप किया जाता है और रात में मशीनों से लोड कर बाहर भेजा जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि माफिया हथियारबंद गुर्गों के साथ घाट पर कब्जा जमाए हुए हैं और पुलिस भी उनके दबाव में काम करती है. आठ साल पहले साधारण स्थिति में रहने वाला व्यक्ति आज सफेद स्कॉर्पियो से इलाके में दबदबा दिखा रहा है. सत्ता और विपक्ष दोनों पर उसका प्रभाव बताया जाता है.

बाबूलाल के ट्वीट कर विधि व्यवस्था पर उठाये थे सवाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के ट्वीट के बाद सनातन घाट पर दो दिनों से बालू उठाव बंद है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और सत्ता के संरक्षण में अवैध खनन हो रहा है और आम लोगों को 100 CFT बालू के लिए लगभग 5000 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड को लूटने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. इस ट्वीट के बाद सीबीआई और ईडी तक का ध्यान इस मामले पर गया है. गोड्डा जिले के अन्य घाटों पर भी कई बार हिंसक घटनाएं हुई हैं. कझिया नदी, डांडे गांव, गेरूआ नदी और पथरगामा क्षेत्र में पुलिस और माफिया के बीच कई झड़पें हो चुकी हैं. कई बार पुलिस पर पत्थरबाजी और हमले भी हुए हैं. हाल ही में एसपी की क्राइम मीटिंग में बालू तस्करी रोकने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक इसका असर नहीं दिख रहा है. थाना स्तर पर कार्रवाई की संवेदनशीलता नदारद है और बालू माफिया लगातार सक्रिय हैं.

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By Sanjeet kumar

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