रात की आंधी ने मचाई तबाही, महागामा और हनवारा में कई घर क्षतिग्रस्त, सड़कें हुईं जाम

Godda News: गोड्डा के महागामा और हनवारा क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचायी. कई घरों की छप्पर उड़ गयी, पेड़ सड़कों पर गिर गये और बिजली व्यवस्था ठप हो गयी. पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत कार्य चलाकर आवागमन बहाल कराया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

हनवारा से फिरोज आलम की रिपोर्ट

Godda News: गोड्डा जिले के महागामा और हनवारा क्षेत्र में मंगलवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ले ली. तेज आंधी और बारिश ने पूरे इलाके में भारी तबाही मचा दी. तेज हवाओं के कारण कई कच्चे और कमजोर घरों की छप्पर उड़ गयी, जबकि जगह-जगह पेड़ और बड़ी टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गयीं. रातभर लोग भय और दहशत के माहौल में अपने घरों में दुबके रहे. ग्रामीणों ने बताया कि आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई लोगों को लगा मानो बड़ा तूफान आ गया हो. अचानक मौसम खराब होने से लोग संभल भी नहीं सके और कई परिवारों को नुकसान झेलना पड़ा.

ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान

आंधी और बारिश का सबसे अधिक असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिला. कई गांवों में कमजोर मकानों और कच्चे घरों को भारी नुकसान पहुंचा. तेज हवा के कारण घरों की छप्पर उड़ गयीं और कुछ जगहों पर दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गयीं. सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो गांवों का नजारा बदला हुआ था. जगह-जगह टूटे पेड़, बिखरी टहनियां और क्षतिग्रस्त घर दिखाई दे रहे थे. कई ग्रामीणों ने बताया कि पूरी रात डर के कारण कोई घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सका.

सड़क पर गिरे पेड़, घंटों बाधित रहा आवागमन

तेज आंधी के कारण कई बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर मुख्य सड़कों पर गिर गये. इससे महागामा और हनवारा क्षेत्र के कई मार्ग पूरी तरह बाधित हो गये. रात के समय सड़क बंद होने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई लोग घंटों रास्ते में फंसे रहे. कुछ स्थानों पर वाहन चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ा, क्योंकि सड़क पर गिरे पेड़ों और डालियों के कारण रास्ता पूरी तरह बंद हो गया था. स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय पर सड़क साफ नहीं होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी.

बिजली व्यवस्था भी हुई चरमराई

आंधी का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा. तेज हवा के कारण कई जगह बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गये. कुछ स्थानों पर बिजली के तार टूटकर गिर गये, जिससे पूरे इलाके में बिजली व्यवस्था चरमरा गयी. महागामा और हनवारा के कई इलाकों में रातभर बिजली गुल रही. लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी. गर्मी और उमस के बीच बिजली नहीं रहने से लोगों की परेशानी और बढ़ गयी. बिजली विभाग की टीमों को नुकसान का आकलन करने और मरम्मत कार्य में लगाया गया है.

पुलिस और स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी मिलते ही हनवारा थाना प्रभारी ध्रुव कुमार पुलिस बल के साथ सक्रिय हो गये. उन्होंने तुरंत जेसीबी मशीन मंगवाकर सड़क पर गिरे पेड़ों और टहनियों को हटाने का काम शुरू कराया. पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर कई घंटों तक राहत और सफाई अभियान चलाया. काफी मशक्कत के बाद मुख्य सड़कों को खाली कराया गया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका. स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलिस की तत्परता के कारण बड़ी परेशानी टल गयी. यदि समय रहते सड़क साफ नहीं होती तो लोगों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता.

प्रभावित परिवारों ने मांगी सहायता

आंधी और बारिश से नुकसान झेलने वाले परिवारों ने प्रशासन से मदद की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें तत्काल राहत सामग्री और आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जानी चाहिए. लोगों ने प्रशासन से इलाके में हुए नुकसान का सर्वे कराने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग उठायी है. ग्रामीणों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण गरीब परिवारों को भारी नुकसान हुआ है और उन्हें सरकारी सहायता की जरूरत है.

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हनवारा पुलिस की लोगों ने की सराहना

राहत और बचाव कार्य में तेजी दिखाने को लेकर स्थानीय लोगों ने हनवारा पुलिस की सराहना की. ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस और प्रशासन ने रात में ही सक्रिय होकर हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया, जिससे लोगों को राहत मिली. फिलहाल प्रशासन क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा लेने में जुटा है और बिजली व्यवस्था बहाल करने के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने की तैयारी की जा रही है.

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लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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