Godda Weather Today Rain: गोड्डा में 2 दिन की बारिश के बाद धनरोपनी में आयी तेजी, किसान बोले- मूसलाधार वर्षा जरूरी

Godda Weather Today Rain: करीब डेढ़ महीने बाद मानसून की बारिश ने गोड्डा जिले के किसानों के चेहरे पर खुशी ला दी. सोमवार से लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है. इसकी वजह से किसानों ने खेती का काम शुरू कर दिया है. धनरोपनी शुरू हो गयी है. हालांकि, खेती के काम में तेजी लाने के लिए अभी भी जिले में मूसलाधार बारिश की जरूरत है. अब तक यहां कितनी हुई बारिश, यहां जानें.

Godda Weather Today Rain: गोड्डा जिले में 24 घंटे में 30 मिलीमीटर तक वर्षा हुई है. सोमवार देर रात जिले में वर्षा शुरू हुई. मंगलवार को भी रुक-रुककर बारिश होती रही. इससे खेतों की नमी लौट आयी है. निचले हिस्से में खेतों में पानी भर गया है. इसका असर किसानों के चेहरे पर साफ देखा जा रहा है. बारिश की वजह से किसानों ने खेती का काम शुरू कर दिया है. अब तक पटवन के सहारे किसान खेती कर रहे थे, उनको लगातार 2 दिन की बारिश के बाद थोड़ी राहत मिली है. बारिश होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है.

15 अगस्त तक जोर-शोर से होती है धान की बुवाई

जुलाई के महीने में खेती का काम होता है. जुलाई के महीने से लेकर 15 अगस्त तक धान की बुवाई जिले भर में जोर-शोर से होती है. इसे उपयुक्त भी माना जाता है. ऐसे में बारिश नहीं होने से किसान खेती का काम शुरू नहीं कर पा रहे थे. यहां के किसान मानसून की बारिश पर ही आश्रित रहते हैं. ऐसे में बारिश नहीं होने से निराशा स्वाभाविक है. खेतों की कटाई का काम भी शुरू नहीं हो सका था. निचले हिस्से को छोड़ दें, तो अभी भी ऊपरी हिस्से में एक छटांक भी खेती नहीं हो पायी है.

  • गोड्डा में 24 घंटे में 30 मिलीमीटर वर्षा, रुक-रुककर हुई वर्षा से धनरोपणी में आयी तेजी
  • 24 घंटे पहले पूरे राज्य में कम वर्षा वाले जिले में एक नंबर पर था गोड्डा

24 घंटे पहले तक सबसे कम बारिश वाला जिला था गोड्डा

मौसम विभाग के आंकड़ों पर गौर करेंगे, तो पायेंगे कि 24 घंटे पहले तक गोड्डा की गिनती उन जिलों में हो रही थी, जहां सबसे कम मानसून की बारिश हुई है. दूसरे स्थान पर साहेबगंज और देवघर तीसरे नंबर पर था. गोड्डा जिले में 14 जुलाई तक सामान्य वर्षा नहीं हुई थी. 2 दन की बारश से रिकॉर्ड में थोड़ा सुधार आया है.

इसे भी पढ़ें : सावन में देवाधिदेव महादेव का ध्यान करने से होती है मनोवांछित फल की प्राप्ति

खेती में तेजी के लिए मूसलाधार बारिश जरूरी – किसान

किसानों का कहना है कि बारिश भले हुई हो, लेकिन खेती के काम में तेजी लाने के लिए मूसलाधार बारिश की जरूरत है. जिले में अब तक एक बार भी मूसलाधार बारिश नहीं हुई है. जिले के पथरगामा, बसंतराय, सुंदरपहाड़ी और बोआरीजोर प्रखंडों में कुछ जगहों पर खेती हुई है, लेकिन अधिकांश जगहों पर बहियार सुनसान पड़े हैं. धान की बुवाई जुलाई में हो जानी चाहिए.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Godda Weather: सूखी कझिया में लौटी रौनक

सोमवार की रात शुरू हुई रिमझिम बारिश से कझिया नदी की रौनक लौट आयी है. कझिया नदी में बारिश का पानी तेजी से बह रहा है. 3 दिन पहले तक कझिया पूरी तरह से सूखी थी. अब नदी में पानी तेज रफ्तार से बह रही है. अभी कोई इस नदी में उतरने का साहस भी नहीं कर पा रहा.

2 दिन की बारिश ने लौटायी सूखी कझिया नदी की रौनक. फोटो : प्रभात खबर

इसे भी पढ़ें

Shravani Mela 2025: देवघर में बाबा बैद्यनाथ के मंदिर में पूजा, शृंगार का बदल गया है समय, न��ा समय यहां जानें

Indian Railways News: झारखंड और बिहार के यात्रियों के लिए खुशखबरी, रांची से इस जगह के लिए शुरू हुई स्पेशल ट्रेन

Weather Today: साहिबगंज में मानसून की बारिश से किसानों के चेहरे खिले, बोकारो में वज्रपात से 2 की मौत

दलमा जाने वाले शिव भक्तों पर लगे शुल्क पर राजनीति, भाजपा ने कहा- ‘जजिया कर’, झामुमो ने कही ये बात

‘मुख्यमंत्री सारथी योजना’ के तहत झारखंड के युवाओं को मिली नौकरी, JSDMS के निदेशक ने बांटा नियुक्ति पत्र

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >