गली-मोहल्ले में गूंजे जय माता दी के जयकारे, माता शैलपुत्री की पूजा के साथ नवरात्रि का शुभारंभ

नवरात्रि की भक्ति में रंगा गोड्डा जिला, हजारों श्रद्धालुओं ने निकाली भव्य कलश शोभायात्राएं

शारदीय नवरात्र के पहले दिन गोड्डा जिला पूरी तरह से भक्तिमय माहौल में डूबा रहा. सोमवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों में स्थित दुर्गा मंदिरों से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं और कन्याओं द्वारा कलश शोभायात्राएं निकाली गयी. वैदिक मंत्रोच्चार, ढोल-नगाड़ों और देवी गीतों के साथ निकली इन यात्राओं ने संपूर्ण क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया. सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी. महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर कतारबद्ध चलती रहीं. शोभायात्राएं स्थानीय जलस्रोतों तक गयी, जहां विधिवत पूजन के बाद कलशों में पवित्र जल भरकर उन्हें दुर्गा पूजा पंडालों में स्थापित किया गया. कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के प्रथम रूप शैलपुत्री की पूजा विधिवत संपन्न हुई. पंडितों के मार्गदर्शन में यजमानों ने पूजा कर नवरात्र की शुरुआत की। प्रत्येक पूजा पंडाल पर समिति सदस्यों और स्वयंसेवकों ने व्यवस्था की निगरानी की, वहीं पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से जगह-जगह गश्ती की. हर ओर भक्ति, आस्था और उल्लास का संगम देखने को मिला. श्रद्धालु ‘जय माता दी’ के जयघोष के साथ चल रहे थे और रास्ते में लोगों द्वारा पुष्प वर्षा एवं शीतल जल, शरबत व फल आदि का वितरण कर स्वागत किया गया. पूरे जिले में धार्मिक चेतना और सामूहिक उत्सव की भावना से परिपूर्ण इस आयोजन ने सामाजिक समरसता का भी संदेश दिया. नवरात्रि के इस शुभारंभ ने बता दिया कि यहां की संस्कृति में भक्ति और उत्सव किस गहराई से रचे-बसे हैं.

गेरूआ नदी से पवित्र जल भरकर श्रद्धालुओं ने किये जय दुर्गे के जयघोष

बसंतराय प्रखंड अंतर्गत डेरमा पंचायत के सनौर गांव में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर सोमवार को भव्य कलश शोभायात्रा का आयोजन किया गया. यह शोभायात्रा पुजारी जटाशंकर चौधरी तथा यजमान श्वेता मिश्रा एवं डबलू मिश्रा के नेतृत्व में दुर्गा पूजा पंडाल से प्रारंभ होकर पूरे गांव होते हुए गेरूआ नदी के तट तक पहुंची. सैकड़ों की संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर कतारबद्ध चल रही थीं. पूरे मार्ग में जय माता दी के जयकारों से वातावरण गूंज उठा. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गेरूआ नदी के पवित्र जल से कलश भरकर श्रद्धालु पुनः सनौर मोड़ होते हुए पूजा स्थल पंडाल तक लौटे. दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष साजन मिश्रा ने बताया कि शोभायात्रा से पूर्व विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ पूजा-अर्चना की गयी. इसके बाद यात्रा का शुभारंभ किया गया. इस आयोजन ने पूरे गांव को भक्तिमय रंग में रंग दिया और क्षेत्र में धार्मिक चेतना एवं सामाजिक एकता की भावना को सुदृढ़ किया. सनौर गांव में दुर्गा पूजा की शुरुआत पूरे श्रद्धा, उल्लास और अनुशासन के साथ हुई, जिससे यह आयोजन सभी के लिए प्रेरणादायक बन गया है.

पवित्र जल लेकर भक्तों ने किया कलश स्थापना, माहौल भक्तिमय

शारदीय नवरात्र के पहले दिन पथरगामा प्रखंड के विभिन्न दुर्गा मंदिरों से सोमवार को भव्य कलश शोभायात्राएं निकाली गयी. श्रद्धा और आस्था के इस महापर्व पर पूरा क्षेत्र ‘जय माता दी’ के उद्घोष से गूंज उठा. पथरगामा मुख्य चौक स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर से 1100 कलश कन्याओं की शोभायात्रा निकाली गयी. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सुंदर नदी से पवित्र जल भरने के बाद शोभायात्रा पुनः मंदिर परिसर लौटी, जहां विधिवत कलश स्थापना की गयी. इस मौके पर यजमान प्रदीप भगत, पूजा समिति के सदस्यगण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे. लोगांय स्थित श्री श्री 108 वैष्णवी दुर्गा मंदिर से 108 कलशों की शोभायात्रा निकाली गयी. बड़का पोखर से जल भरकर कलश कन्याएं जयकारे लगाते हुए नगर भ्रमण करते हुए पूजा स्थल लौटीं. इस दौरान मुखिया जयरानी देवी, समाजसेवी मनोज मेहरा, पूजा समिति के अध्यक्ष रामावतार मेहरा सहित कई ग्रामीण शामिल थे. कलश यात्रा से पहले पंडित यशवंत बाजपेई द्वारा वैदिक विधि से प्रधान कलश की पूजा की गयी. रजौन मोड़ बिसाहा स्थित श्री श्री 108 वैष्णवी दुर्गा मंदिर से निकली 3551 कलश कन्याओं की शोभायात्रा ने सबका ध्यान आकर्षित किया. उरकुसिया नदी से जल भरकर कन्याएं कतारबद्ध होकर ढोल-नगाड़ों के साथ मंदिर तक लौटीं. इस यात्रा की अगुआई पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष कल्पना देवी, मुखिया अनीता देवी और राजद जिलाध्यक्ष सुरेश यादव सहित कई सामाजिक व राजनीतिक नेताओं ने की. पूरे रास्ते में श्रद्धालुओं द्वारा कलश कन्याओं के लिए शीतल जल, शरबत और फल की व्यवस्था की गयी थी. वहीं, मंदिर परिसरों में दुर्गा पाठ के साथ मां शैलपुत्री की पूजा की गयी, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया. कलश स्थापना के साथ ही पूरे क्षेत्र में नवरात्र की विधिवत शुरुआत हो गयी है.

पूरे क्षेत्र में गूंजे मां के भक्ति गीत, मंदिरों में छाया भक्तिमय माहौल

शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ ही मेहरमा प्रखंड के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में सोमवार को विधिवत कलश स्थापना की गयी. कलश स्थापना के साथ प्रथम देवी स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजन-अर्चना की गयी. पूजा में श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी देखी गयी और मंदिरों में दिनभर भक्ति-भाव का माहौल बना रहा. बलबड्डा दुर्गा मंदिर में पंडित हिमांशु उपाध्याय के द्वारा यजमान रंजन कुमार एवं उनकी पत्नी सोनी कुमारी को पूजा संपन्न करायी गयी. पिरोजपुर काली स्थान दुर्गा मंदिर में पंडित डॉ. मनोज कुमार मिश्रा ने यजमान विजय चौबे व उनकी पत्नी सुनीता चौबे के साथ पूजन कार्य किया. इसी प्रकार, पिरोजपुर पुरानी दुर्गा मंदिर में पंडित गौरीशंकर गोस्वामी, यजमान गोविंद कुमार साह व उनकी पत्नी गीता देवी, सिंघाड़ी दुर्गा मंदिर में पंडित दिगंबर पांडेय, यजमान अरबिंद मंडल व उनकी पत्नी पिंकी देवी, ईटहरी दुर्गा मंदिर में पंडित अर्जुन मिश्रा, यजमान मधुसूदन तिवारी व उनकी पत्नी अनीता देवी के साथ पूजा संपन्न करायी गयी. सभी पूजा स्थलों पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां शैलपुत्री की पूजा की गयी. मंदिर परिसर में माता के भक्ति भजन पूरे दिन गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बन गया. श्रद्धालुओं में उत्साह देखते ही बन रहा था. जगह-जगह लोगों ने माता के दर्शन किये और आशीर्वाद प्राप्त किया. पूरे क्षेत्र में नवरात्र का शुभारंभ उल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ.

दुर्गा मंदिरों में कलश स्थापना के साथ नवरात्रा का भव्य शुभारंभ

बोआरीजोर प्रखंड क्षेत्र के लौहंडिया बाजार दुर्गा मंदिर, श्रीपुर बाजार दुर्गा मंदिर, बोआरीजोर दुर्गा मंदिर, ललमटिया पुरानी दुर्गा मंदिर, ललमटिया स्कूल परिसर दुर्गा मंदिर एवं डुमरिया दुर्गा मंदिर में कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र पर्व का शुभारंभ भव्य रूप से हुआ. सभी मंदिरों में माता के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की विधि विधान से पूजा-अर्चना की गयी, जिससे माहौल भक्तिमय एवं पावन हो उठा. पंडित पंकज चतुर्वेदी, अंकेश उपाध्याय एवं उदय कांत मिश्रा ने बताया कि माता के सभी नौ रूपों का अपना विशेष महत्व है. मां अपने प्रत्येक स्वरूप में भक्तों को अनंत आशीर्वाद प्रदान करती हैं. भक्त श्रद्धा एवं भक्ति के साथ नवरात्रि पर्व की उपासना करते हैं तो उन्हें मां का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. दशहरा पर्व सत्य और धर्म की विजय का पर्व है, जो हमें सदैव सच्चाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.

कलश शोभा यात्रा में शामिल हुईं महिला श्रद्धालु

पोड़ैयाहाट प्रखंड के बांझी रोड दुर्गा पूजा समिति द्वारा नवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य कलश शोभा यात्रा का आयोजन किया गया. इस शोभा यात्रा में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर नाचती-गाती हुए शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरीं, जो धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव का जीवंत स्वरूप प्रस्तुत करती है. यात्रा की शुरुआत स्थानीय दुर्गा मंदिर से हुई और यह नदी या जल स्रोत तक पहुंची, जहां से पवित्र जल लेकर श्रद्धालु पुनः मंदिर परिसर में स्थापित किया गया. इस आयोजन में पूजा समिति के अध्यक्ष संजीव भगत, उपप्रमुख सुमन भगत सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे.

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Author: SANJEET KUMAR

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