चक्रवाती तूफान मोंथा से सब्जी की खेती बर्बाद, दस लाख से अधिक का नुकसान

लगातार बारिश और नमी से खेतों में गलने लगी फसल, बाजारों में सब्जियों की कीमतों में तेजी

चक्रवाती तूफान मोंथा के प्रभाव से हुई बेमौसम बारिश ने गोड्डा जिले में सब्जी की खेती पर गहरा असर डाला है. लगातार नमी और मौसम में परिवर्तन के कारण खेतों में खड़ी सब्जियों पर झुलसा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. केवल अक्टूबर माह में ही जिले में लगभग 60 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गयी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गयी है. जिले में लगभग 1000 हेक्टेयर भूमि पर सब्जी की खेती होती है, लेकिन पिछले चार दिनों की बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. जिले के विभिन्न प्रखंडों में खेतों में पानी भर जाने से आलू, टमाटर, मिर्च, फूलगोभी, बंधगोभी, धनिया, बैंगन और प्याज जैसी फसलें गलकर नष्ट हो गयी हैं. अनुमान है कि लगभग दस लाख रुपये से अधिक की सब्जी पैदावार बर्बाद हो चुकी है. हरिपुर गरवन्ना के किसान गोपी राउत ने बताया कि उन्होंने पांच कट्ठा भूमि में सब्जी की खेती की थी, परंतु पानी भर जाने से सारे पौधे सड़ गये. नारायणपुर के किसान जीवन कुमार ने कहा कि आलू, मिर्च, टमाटर और गोभी की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गयी हैं. किसानों ने सरकार से शीघ्र आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है.

बाजारों में बढ़ने लगी सब्जियों की कीमतें

लगातार हो रहे नुकसान का असर अब बाजारों में भी दिखने लगा है. खुदरा सब्जी विक्रेता फुलचन कुमार के अनुसार, खेतों में फसल बर्बाद होने के कारण सब्जियों की आवक कम हो गयी है, जिससे कीमतें 10 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ गयी हैं. रविवार को धनिया पत्ते की कीमत 600 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गयी. किसानों को डर है कि यदि मौसम में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में सब्जियों के दाम आसमान छू सकते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: SANJEET KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >