बासंतीय नवरात्र को लेकर प्रखंड क्षेत्र के अमौर गांव में पूजा और लगने वाले मेले को सफल बनाने हेतु ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता धनंजय कुमार सिन्हा ने की. बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने पूजा, भागवत कथा और मेले को भव्य बनाने पर विचार-विमर्श किया. पूजा समिति के अध्यक्ष पुनीत कुमार ने बताया कि 19 मार्च को कलश स्थापना का कार्यक्रम होगा. कथा वाचक रश्मि प्रिया, जो अयोध्या से आ रही हैं, 22 मार्च से सात दिनों तक यानी दसवीं पूजा तक श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराएंगी. कथा शुरू होने से पूर्व 22 मार्च को सैकड़ों कुंवारी कन्या और महिलाएं कलश शोभायात्रा निकालेंगी. यह शोभायात्रा मंदिर प्रांगण से निकलकर ढोलिया नदी जाएगी, नदी में जल भरने के बाद पुनः मंदिर प्रांगण पहुंचेगी. संध्या समय 22 मार्च को भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाएगी, जिसमें सैकड़ों की संख्या में दो-पहिया, तीन-पहिया और चार-पहिया वाहन सम्मिलित रहेंगे. यह शोभायात्रा मंदिर प्रांगण से निकलकर खिरौंधी, बलबड्डा, बाराहाट के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए पुनः मंदिर प्रांगण पहुंचेगी। शोभायात्रा में मुख्य रूप से कथा वाचक और उनकी पूरी टीम रथ पर सवार रहेंगे. बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने सारे कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने का निर्णय लिया. मौके पर पंडित ललन झा, समाजसेवी निरंजन कुमार सिन्हा, राजपति राम, चंद्रशेखर आजाद, गोनू राम, प्रवीण कुमार, चंदन कुमार और भवेश कुमार उपस्थित थे.
पूजा, भागवत कथा और मेले को भव्य बनाने पर चर्चा
अमौर गांव में बासंतीय नवरात्र की तैयारियां शुरू
