जल है धरती का अनमोल संसाधन, संरक्षण में सबकी हो भागीदारी
छात्रों को जल के प्राकृतिक स्रोतों की रक्षा करने, प्रत्येक छात्र को प्रतिदिन कम से कम एक लीटर पानी बचाने में मदद करने, छात्रों को घर और विद्यालय में पानी का उपयोग कर न्यूनतम बर्बादी के लिए जागरूक किया गया.
जल संरक्षण पखवारा के तहत प्रखंड के 196 स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित, दिलायी गयी शपथ प्रतिनिधि, महागामा जल संरक्षण पखवारा के तहत महागामा के 196 सरकारी विद्यालयों में बच्चों को जल संरक्षण के महत्व समझाने और उन्हें जल बचाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से जल संरक्षण की शपथ दिलायी गयी. इस दौरान उत्क्रमित मध्य विद्यालय खदहरामाल में प्रधानाध्यापिका रितू कुमारी, शिक्षक हारुन रशीद, राजीव कुमार पोद्दार, विपिन कुमार के द्वारा बच्चों को जल संरक्षण की शपथ दिलायी गयी. उन्हें पानी की महत्ता के बारे में जागरूक किया गया. कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं को पानी की कमी के प्रभाव के बारे में जागरूक किया गया. इसके अलावा छात्रों को जल के प्राकृतिक स्रोतों की रक्षा करने, प्रत्येक छात्र को प्रतिदिन कम से कम एक लीटर पानी बचाने में मदद करने, छात्रों को घर और विद्यालय में पानी का उपयोग कर न्यूनतम बर्बादी के लिए प्रोत्साहित किया गया. शिक्षकों ने बच्चों को जल संकट और इसके समाधान के तरीकों पर विस्तृत जानकारी देते हुए बच्चों को बताया कि जल पृथ्वी पर सबसे अनमोल संसाधन है. इसका संरक्षण प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है. इस अवसर पर जल संरक्षण के प्रति बच्चों की रूचि और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निबंध लेखन और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
