धार्मिक : कन्या को जन्म लेने से रोकना प्रकृति का अपमान: देवी आरती

महागामा प्रखंड के चांदसर गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया.

चांदसर में भागवत कथा के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव, भजनों पर झूमे श्रद्धालु तस्वीर:- 43 कथा कहती कथावाचिका, 44 कथास्थल पर श्रद्धालुओं की भीड प्रतिनिधि, हनवारा महागामा प्रखंड के चांदसर गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया. कथा के दौरान भगवान कृष्ण की मनमोहक और आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गयी, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे. इस अवसर पर कथावाचिका देवी आरती जी ने बधाई गीत प्रस्तुत किया, जिस पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने खड़े होकर खुशी मनायी. कथावाचिका देवी आरती जी ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण केवल भगवान कृष्ण की लीलाओं का वर्णन करने वाला ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह मानवता, करुणा और न्याय का संदेश देने वाला पवित्र ग्रंथ है. उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या और बेटियों पर अत्याचार जैसे गंभीर सामाजिक विषयों पर भी श्रद्धालुओं को जागरूक किया. उन्होंने कहा कि प्रकृति और पुरुष के मेल से ही जीवन संभव है. यदि कन्या को जन्म लेने से रोका जाता है तो यह प्रकृति और सृष्टि के नियमों का अपमान है. कथा के दौरान देवी आरती जी के भक्ति भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे. पूरा कथा स्थल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा. कार्यक्रम के अंत में आरती की गयी. श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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