गोड्डा : सदर प्रखंड क्षेत्र के दलदली गांव में रविवार को प्रस्तावित संताल आदिवासी समाज की दिशोम बैसी महापंचायत को प्रशासन और पुलिस की तत्परता से समय रहते रद्द करा दिया गया. प्रशासन के एहतियाती कदम से संभावित तनाव और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को टालने में सफलता मिली.
जानकारी के अनुसार, दलदली गांव निवासी दुबेय मरांडी और हरीलाल मरांडी के बीच लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद को लेकर दुबेय मरांडी के पक्ष की ओर से महापंचायत बुलाने का आह्वान किया गया था. कार्यक्रम में जिले के साथ आसपास के दर्जनों गांवों से करीब दो हजार आदिवासी मांझी और प्रधानों के पहुंचने की सूचना थी.
तनाव और हिंसक झड़प की आशंका
प्रशासन को खुफिया सूत्रों से सूचना मिली थी कि महापंचायत के दौरान विवाद बढ़ने से तोड़फोड़, घरों में लूटपाट और दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ ने विधि-व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से प्रस्तावित कार्यक्रम को रद्द करने का आदेश दिया.
गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती
प्रशासन के निर्देश के बाद रविवार सुबह से ही दलदली गांव और आसपास के क्षेत्रों में मुफस्सिल थाना पुलिस के साथ अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. इसके अलावा बीडीओ, सीओ और दंडाधिकारियों को भी मौके पर लगाया गया. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे दिन स्थिति पर नजर बनाये रखी तथा किसी भी स्थान पर बड़ी भीड़ जमा नहीं होने दी.
लोगों को समझाकर शांतिपूर्वक लौटाया
बाहर से पहुंचे मांझी-हड़ाम और ग्रामीणों को प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया और समझा-बुझाकर शांतिपूर्वक वापस भेज दिया. प्रशासनिक अधिकारियों और मुफस्सिल थाना पुलिस की समय पर की गयी कार्रवाई से दोनों पक्षों के बीच संभावित टकराव को टाल दिया गया. साथ ही क्षेत्र में शांति और सौहार्द का माहौल बनाये रखने में भी प्रशासन सफल रहा.
