भ्रूण जांच की शिकायत पर होगी प्राथमिकी

स्वास्थ्य. पीसीपीएनडीसी की बैठक में सीएस ने अल्ट्रासाउंड संचालकों से कहा पीसीपीएनडीसी कमेटी की बैठक में सीएस ने निजी नर्सिंग होम व अल्ट्रा साउंड सेंटरों पर निगरानी रखने के लिए धावा दल का गठन किया है. सीएस ने बैठक में आये संचालकों से रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण करने व लिंग परीक्षण संबंधी शिकायत मिलने पर रजिस्ट्रेशन रद्द […]

स्वास्थ्य. पीसीपीएनडीसी की बैठक में सीएस ने अल्ट्रासाउंड संचालकों से कहा

पीसीपीएनडीसी कमेटी की बैठक में सीएस ने निजी नर्सिंग होम व अल्ट्रा साउंड सेंटरों पर निगरानी रखने के लिए धावा दल का गठन किया है. सीएस ने बैठक में आये संचालकों से रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण करने व लिंग परीक्षण संबंधी शिकायत मिलने पर रजिस्ट्रेशन रद्द करने का निर्देश दिया है.
गोड्डा : जिले के 13 अल्ट्रासाउंड सेंटर तथा नर्सिंग होम पर स्वास्थ्य विभाग की नजर है. किसी भी सेंटर में लिंग परीक्षण करने की जानकारी मिले तो संचालक पर प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी. ये बातें सीएस डॉ प्रवीण राम ने कार्यालय कक्ष में शुक्रवार को पीसीपीएनडीसी कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक बैठक में कहा. उन्होंने कहा कि जिले के प्राइवेट सेंटरों में निगरानी व जांच के लिये धावा दल का गठन किया जा रहा है. दल में डा बनदेवी झा ,
डी के चौधरी, दीपक कुमार तथा संस्था के सदस्य शामिल है. दल द्वारा अचानक सेंटर की जांच कर इस बात का पता लगाया जायेगा कि वास्तव में भ्रूण की जांच के दौरान लिंग निर्धारण किया जा रहा है या नहीं . सेंटर पर खुफिया जांच के लिए प्रशिक्षित डाॅक्टरों को भेजा जायेगा. इस पर होनेवाले तमाम खर्च विभाग उठायेगा. लिंग परीक्षण के मामले पकड़े जाने पर सेंटर का रजिस्ट्रेशन रद्द कर संचालक पर प्राथमिकी दर्ज कर दी जायेगी. इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जायेगी.
मौके पर नगर अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह एवं डाॅक्टरों की टीम में एसीएमओ डाॅ. बनदेवी झा, डाॅ. किरण जायसवाल, डाॅ.के एन चौधरी ,डाॅ तरुण मिश्रा, डाॅ एम के टेकरीवाल , डाॅ सीएल वैद्य, डाॅ दीपक मौजूद थे.
सेंटर का फी नवीनीकरण भी जल्द
सीएस ने बताया कि पांच वर्षों के लिए रजिस्ट्रेशन फी के तौर पर अल्ट्रा साउंड व एक्स-रे संचालकों को 25 हजार तथा नर्सिंग होम संचालकों 35 हजार रुपये देना होगा. पांच वर्ष बाद सेंटर का रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण का कार्य किया जायेगा. मौके पर सरफराज, राजेंद्र कुमार, ललमटिया के मिशन की सिस्टर शालनी आदि
मौजूद थी.
ब्लड बैंक को लेकर अभी भी परेशानी
करोड़ों की राशि से बनाये जा रहे ब्लड बैंक द्वारा लोगों की सेवा दिये जाने में अभी भी तकनीकी परेशानियां है. सीएस ने बताया कि अब तक ब्लड बैंक को पूरा कर संवेदक द्वारा नहीं सौंपा गया है. इसके बाद यंत्र आदि लगाये जायेंगे. सामग्री की खरीदारी का भी टेंडर संवेदक को दिया गया है. कार्य पूरा कर भवन जब तक हैंडओवर नहीं होता है. तब तक ब्लड बैंक चालू नहीं हो पायेगा.

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