तीन साल के अंदर बने स्वास्थ्य भवनों की होगी जांच

निर्णय . निगरानी व अनुश्रवण समिति की बैठक में सांसद ने दिये निर्देश, कहा तीन साल के अंदर बने स्वास्थ्य भवनों की होगी जांच अनुश्रवण समिति की बैठक में कई विभागों के कार्यों की समीक्षा करते सांसद ने अधूरे कार्य को पूरा करने व लापरवाही बरतने वाले संवेदकों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. […]

निर्णय . निगरानी व अनुश्रवण समिति की बैठक में सांसद ने दिये निर्देश, कहा

तीन साल के अंदर बने स्वास्थ्य भवनों की होगी जांच
अनुश्रवण समिति की बैठक में कई विभागों के कार्यों की समीक्षा करते सांसद ने अधूरे कार्य को पूरा करने व लापरवाही बरतने वाले संवेदकों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
गोड्डा : डीआरडीए भवन में शनिवार को निगरानी व अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित हुई. इसकी अध्यक्षता गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने की. इस दौरान स्वास्थ्य भवनों की जर्जर हालत पर उठाये गये सवाल पर सांसद ने कहा कि तीन साल के अंदर बने सभी स्वास्थ्य उपकेंद्र व भवनों की जांच हाेगी. भवन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद हुई अनियमितता की जांच कर संबंधी एजेंसी व संवेदक के ऊपर कार्रवाई की जायेगी.
कहा : सदस्यों ने नये स्वास्थ्य भवनों की कमियों को भी प्रमुखता से गिनाया. स्वयं सीएस डाॅ प्रवीण राम ने भी नये सदर अस्पताल भवन की कमियों को बताया है. इसमें नये सदर अस्पताल भवन में बाेरिंग की हालत खस्ता, बायरिंग जैसे-तैसे करने की बात सामने आ रही है. इन सभी की जांच करने का निर्देश दिया.
इसके अलावा नये सदर अस्पताल भवन सहित नवनिर्मित ब्लड बैंक आदि की भी जांच करने की बात कही. इसके अलावा डांडे में बने नये पीएचसी सेंटर भवन की भी जांच करने का निर्देश दिया.
पांच सालों में बनी पीएमजीएसवाइ सड़कों की गड़बड़ी की भी जांच करने का निर्देश
पांच सालों में बनी सड़कों की होगी जांच
बैठक में सांसद श्री दुबे ने कहा कि पांच सालों में बने नये पीएमजीएसवाइ सड़कें जर्जर हो रही है. इन सड़कों की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया. विभाग के कार्यपालक अभियंता से नये बने सड़कों की सूची मांगी तथा काम की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों पर टीम बनाकर जांच करने को कहा. जांच में विधायक के साथ निगरानी समिति के सदस्य के रहने की बात कही. टीम जांच रिपोर्ट डीसी को देंगे. इसके बाद कार्रवाई की जायेगी.
सहिया को मिलने वाली राशि की उपयोगिता की हो जांच
सांसद श्री दुबे ने कहा कि गांव स्तर पर साल में एक बार सहियाओं 10-10 हजार रुपये दिया जाता है. इसकी उपयोगिता क्या है. यह समझ से परे है. इसकी जांच कराने का निर्देश डीसी को दिया है. इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों की खराब हालत पर सदस्यों ने सवाल उठाये. कहा कि समय पर आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खुलता है. रेडी टू इट फूड खाने को कोई तैयार नहीं है. बैठक के माध्यम से सरकार को अनाज आदि आपूर्ति कराने की मांग की गयी.
एमओ पर लगाया प्रति बोरा 30 रुपये वसूलने का आरोप
बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिनियम की खामियों और गड़बड़ी
पर चर्चा की गयी. पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने एमओ पर को प्रति बोरा 30 रुपये की दर से कमीशन वसूलने का आरोन लगाया. उन्होंने कहा : खाद्य सुरक्षा अधिनियम मेें कई खामियां हैं. इसमें सुधार किये जाने की जरूरत है. एमओ व डीलर की गंठजोड़ से गरीबो का निबाला छीना जा रहा है.
वहीं गोड्डा विधायक अमित मंडल ने भी राशन कार्ड में हुई खामियों को बैठक में रखा और इसे दूर करने की मांग की. मौके पर महगामा विधायक अशोक भगत, पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव, गोड्डा विधायक अमित कुमार मंडल, एसपी संजीव कुमार के अलावा सांसद व विधायक प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि थे.

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