साथ ही एपवा के संगठन को और भी बेहतर किया गया. जयंती चौधरी ने कहा कि महिलाएं आज बराबरी में आने के लिए संघर्ष कर रही हैं. महिलाओं से कहा कि सड़क से सदन तक बिना लड़े आपको कुछ नहीं मिलेगा. गिरिडीह की महिलाएं आगे बढ़ें, एपवा आपके साथ है. क्लारा जेटकिन, ज्योतिबा फुले, बाबा साोब, फूलो झानो, झांसी की रानी सहित अन्य महिलाओं और क्रांतिकारियों पर भी चर्चा की गयी.
महिलाओं को अपने हक की आवाज खुद उठाना होगा : पूनम महतो
पूनम महतो ने कहा कि महिलाओं के संगठन में जुड़िये और अपना हाथ मजबूत करिये. सिर्फ आठ मार्च को जमा हो जाने से बहुत कुछ नहीं होने वाला है, बल्कि अधिकार के लिए लगातार लड़ना होगा. महिलाओं को आज सभी फैक्ट्रियों में पुरुषों से कम मजदूरी मिलती है. ऐसा क्यों इस पर भी हम सब लड़ाई लड़ेंगे, लेकिन पहले एकजुट होना होगा. जिप सदस्य पिंकी भारती व एपवा प्रियंका उपाध्याय ने भी संबोधित किा. मौके पर ललीता देवी, बबिता देवी, राजकुमारी, रूपा, मुन्नी देवी, साबो देवी, सुनीता, हेमंती, सिमरन, प्रमिला आदि मौजूद थीं.
