Giridih News : संवाददाता, गिरिडीह. गिरिडीह-चैताडीह मार्ग पर खुलेआम हुए खूनी संघर्ष का उद्भेदन कर पुलिस अब तक नहीं कर पायी है. हालांकि इस मामले में पुलिस कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है. पूछताछ के बाद कई इलाके में अपराधियों को पकड़ने के लिए छापामारी भी की गयी है, लेकिन पुलिस अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पायी है.
बता दें कि सोमवार की देर रात तौफिक अंसारी को फोन से बुलाकर लगभग एक दर्जन से भी ज्यादा अपराधियों ने चाकू से घोप-घोपकर उसकी हत्या कर दी. इस मामले में पुलिस ने पचंबा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है. पुलिस को विभिन्न स्रोतों से कई तरह की सूचनाएं मिली है, जिसके आधार पर जिले और जिले से बाहर छापामारी की जा रही है. मिली सूचना के मुताबिक पुलिस की तीन टीमें छापामारी में लगी हुई है. पुलिस ने अब तक धनबाद और आसनसोल के अलावा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंबाटांड़, सेंट्रलपिट, परातडीह और कोलडीहा समेत कई स्थानों पर छापामारी कर चुकी है, लेकिन पुलिस को कोई विशेष सफलता हाथ नहीं लगी.
गिरफ्तार मोनू पठान से दिन भर होती रही पूछताछ :
पुलिस कुरैशी मोहल्ला के रहने वाले नावेद उर्फ मोनू पठान को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ कर रही है. पुलिस को आशंका है कि मोनू भी घटना के वक्त वहां न सिर्फ उपस्थित था, बल्कि घटना को अंजाम देने में उसकी भी भूमिका रही है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक मोनू ने कई जानकारियां पुलिस को दी है. इस आधार पर पुलिस चिह्नित अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है. बताया जाता है कि गिरिडीह में पिछले कुछ दिनों से अपराधियों का एक गुट काफी सक्रिय हुआ है. यह गुट जमीन समेत रंगदारी वसूलने जैसी घटनाओं को अंजाम देना भी शुरू कर दिया है. तौफिक अंसारी और इसके ऊपर हमला करने वाले लोग भी इसी ग्रुप के बताये जा रहे हैं. यह भी बताया जा रहा है कि हथियार की खरीद-बिक्री के सवाल पर दो गुटों के बीच विवाद हुआ था. इसी विवाद के बाद तौफिक को एक सुनियोजित साजिश के तहत बुलाया गया था. बातचीत होते-होते स्थिति तनावपूर्ण हो गयी और दोनों एक-दूसरे पर हमला करने लगा. दूसरे गुट ने तौफिक को घेरकर चाकू से गोद-गोदकर उसे जख्मी कर दिया और पास में ही सड़क के किनारे फेंक दिया. पुलिस और तौफिक के परिजनों ने जख्मी हालत में तौफिक को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी.
शीघ्र ही मामले का किया जायेगा उद्भेदन :
पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है. मोनू नामक एक युवक को गिरफ्तार कर उसे पूछताछ किया जा रहा है. कहा कि शीघ्र ही मामले का उद्भेदन कर लिया जायेगा.
तौफिक हत्याकांड में छह लोगों को बनाया गया नामजद आरोपी
गिरिडीह. पचंबा थाना क्षेत्र के गिरिडीह-चैताडीह मार्ग पर चदरा पुल के पास हुए खूनी संघर्ष में पुलिस ने छह लोगों को नामजद आरोपी बनाया है. जबकि 10-12 अन्य अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है. यह प्राथमिकी खूनी संघर्ष में मारे गये तौफिक अंसारी के फुफेरे भाई मो वारिश के लिखित आवेदन पर दर्ज की गयी है. बताया गया है कि भंडारीडीह के हाजी जमील रोड का रहने वाला अरशद अली ने फोन करके तौफिक को चदरा पुल के पास बुलाया था. तौफिक अपने अन्य दोस्तों एकलाख शेख, जाहिद अंसारी और श्याम रवानी के साथ चदरा पुल के पास पहुंचा, जहां अरशद अली, बंटी टाइशन, आसिफ अली, मोनू पठान, सोहेल मोडरल, साकिब इकबाल समेत 10-12 अन्य अज्ञात लोगों ने मारपीट और गाली गलौज शुरू कर दी. तौफिक की शुरुआती बहस आसिफ के साथ हुई थी. बताया गया कि तौफिक के ऊपर टांगी और चाकू से वार किया गया. इस मारपीट में तौफिक ने भागने की कोशिश भी की, लेकिन आसिफ के साथ आये लोगों ने लात-घूसों से पीट कर तौफिक को लहूलुहान कर दिया. इतना ही नहीं, तौफिक के साथ आये उसके दोस्तों में एकलाख शेख, मो जाहिद, श्याम रवानी को भी जान से मारने की कोशिश की गयी, लेकिन किसी तरह ये लोग जान बचाकर भाग निकले. इस मामले को पुलिस ने धारा 103(1)/3(5) बीएनएस के तहत दर्ज किया है और मोनू की गिरफ्तारी के बाद जांच-पड़ताल तेज कर दी है. पुलिस का कहना है कि अन्य नामजद आरोपियों की धर-पकड़ के लिए छापामारी की जा रही है, लेकिन सभी लोग फरार हो गये हैं.