विरोध जता रहे रहे ग्रामीणों का कहना था कि कि सड़क मरम्मत कार्य प्राक्कलन व गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं कराया जा रहा है, जिससे सरकारी राशि का दुरुपयोग होने की आशंका है.
तकनीकी मानकों का नहीं हो रहा पालन
ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण के लिए निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है. कार्य शुरू करने से पहले सड़क पर जीएसबी डालने का कार्य नहीं किया गया, जबकि यह सड़क की मजबूती के लिए आवश्यकहै. ग्रामीणों ने बताया कि कई स्थानों पर सड़क के किनारे और बीच में उगे घास एवं खरपतवार को हटाये बिना ही उसके ऊपर अलकतरा का छिड़काव कर कालीपरत डाल तैयार किया जा रहा है. इससे सड़क की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कुछ ही दिनों में सड़क उखड़ने की आशंका है. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्राक्कलन के अनुसार सड़क पर दो इंच मोटी बीटी परत बिछायी जानी है, लेकिन संवेदक कहीं एक इंच तो कहीं आधा इंच ही बीटी की परत दे रहा है.
विभागीय अधिकारियों से जांच की मांग
ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से मामले की जांच कराने तथा कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जांच कर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गयी, तो वह आंदोलन करने को बाध्य होंगे. विरोध प्रदर्शन में गुनियाथर पंचायत की पूर्व मुखिया उर्मिला देवी, जागेश्वर यादव, अजीत शर्मा, संदीप यादव, दिलीप राय, मनोज मरांडी, जाकिर अंसारी, चंदन ठाकुर, शहादत अंसारी, मुकेश साव, श्यामसुंदर यादव, कट्टी यादव, टेकनारायण यादव, मनोहर यादव, झगरू यादव, सुधीर यादव, लूटन यादव, सुलेमान मुर्मू, बड़की हेंब्रम, सुखु टुडू, खगेश्वर यादव, छोटेलाल टुडू, बोस मरांडी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.क्या कहतीं हैं मुखिया : इधर, गुनियाथर पंचायत की मुखिया शेरुन खातून ने बताया कि प्राक्कलन के अनुसार कार्य नहीं किया गया तो आंदोलन किया जायेगा. इस संबंध में कनीय अभियंता विक्रम दास ने बताया कि कार्य को लेकर कुछ ग्रामीणों ने शिकायत की है. सड़क पर चल रहे कार्य की जांच की जायेगी.
जनवरी में पूरा होना था काम : योजना के तहत सात जनवरी 2024 को सड़क की मरम्मत शुरू की गयी. इसे इस वर्ष छह जनवरी तक पूरा कर लिया जाना था, लेकिन कार्य के लिए चयनित एजेंसी के द्वारा कार्य में विलंब किया गया. निर्धारित समय अवधि बीत जाने के बाद भी सड़क पर बिटुमिन का कार्य नहीं किए जाने को लेकर ग्रामीणों के द्वारा आंदोलन करने की चेतावनी दी गयी थी. 23 मई को प्रभात खबर के अंक में देवरी प्रखंड के महत्वपूर्ण सड़कों की स्थिति जर्जर शीर्षक से खबर प्रकाशित की गयी थी, जिसमें कार्य के लिए निर्धारित समय पूरा हो जाने के बाद भी सड़क नहीं बनाये जाने का जिक्र किया गया था.