बगोदर प्रखंड के छह पंचायत के ग्रामीणों की बैठक तुकतुको में की गयी. अध्यक्षता मुखिया बंधन महतो ने की. बैठक में ग्रामीणों ने जंगली जानवरों से खुद को बचाने और उनके द्वारा लगातार फसलों की क्षति पहुचाये जाने की समीक्षा की. कहा कि हाथी, जंगली सूअर, नीलगाय व हिरण के द्वारा फसलों को बर्बाद किया जा रहा है. फसलों का मुआवजा दिये जाने की मांग वन विभाग से की गयी. मुखिया ने कहा कि लगातार दो सालों से इन पंचायत में हाथियों का उत्पात जारी है. हाथियों ने अब तक कई लोगों के घरों को उजाड़ दिया है. कई किसानों की फसलों को बर्बाद कर दिया है. वहीं स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र को भी अपना निशाना बनाया है. इन सब के बावजूद भुक्तभोगी किसानों को वन विभाग सही ढंग से मुआवजा नहीं दे पाया है. वन विभाग ने जंगली जानवरों से निपटने के लिए ना तो ग्रामीणों को कोई संसाधन दिया है और ना ही समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर पाती है. इसे लेकर ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर एक बैठक की.
कई बिंदुओं पर की गयी चर्चा
बैठक में कई बिंदुओं पर विचार विमर्श किया गया. बैठक में अड़वारा, मुंडरो, धरगुल्ली, कुदर, अटका पूर्वी, अटका पश्चिमी पंचायत के ग्रामीण मौजूद थे. ग्रामीणों ने पंचायतों के विभिन्न टोलों व चौक-चौराहों पर सोलर लाईट की व्यवस्था अविलंब करने, उपरोक्त पंचायतों में सुरक्षा हेतू अधिक मात्रा में टॉर्च उपलब्ध कराने, हाथियों द्वारा फसल नुकसान की भरपाई मुआवजा 15 दिनों के अंदर करने, नीलगाय व सुअर के द्वारा किए गए फसलों के नुकसान का मुआवजा 15 दिनों के भीतर किसानों को मुहैया कराने, वन अधिनियम 2006 के तहत किसानों को वन पट्टा निर्गत करने, गर्मी में जंगली जानवरों को पानी के पीने हेतु भूमि पर चेकडैम का निर्माण कराने, जंगल में आग बुझाने हेतु फायर अग्नि शामक सिलैंडर मुहैया कराने वन में ग्रामीणों की सुविधा हेतु आने- जाने के लिए रास्ते के लिए एनओसी निर्गत करने की मांग की है. कहा गया कि अगर इन मांगों को पूरा नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगें. बैठक में समिति के गठन पर चर्चा की गयी. मौके पर बिहारी लाल मेहता, श्याम कुमार, गोपाल महतो, सीताराम सिंह, रामस्वरूप सिंह, रोहित महतो, खेमलाल महतो, प्रकाश ठाकुर, राजकुमार दास, प्रकाश कुमार, महेन्द्र दास, रामदेव महतो समेत अन्य लोग मौजूद थे.
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