देवरी-तिसरी के सीमाई इलाके की सिकरूडीह व तिलकडीह पंचायत के दर्जनाधिक गांवों के आसपास की वन भूमि पहाड़ से आच्छादित है. यहां सुदूरवर्ती एवं सुनसान जंगली इलाके का लाभ उठाकर माफियाओं को अपना कारोबार संचालन में सहूलियत होती है. माफिया तत्व स्थानीय कारोबारियों के सहयोग से यहां लगे सखुआ (साल), शीशम आदि के हरे-भरे पेड़ों की कटाई कराकर रात के अंधेरे में खिजुरी, खरियोडीह व मंडरो के रास्ते जमुआ व राजधनवार के इलाकों में खपाया दिया जाता है.
पेड़ों की अवैध कटाई से ग्रामीण चिंतित
पेड़ों की कटाई से चिंतित केंदुआ, गौरीपुर, ताराटांड़, खरियोडीह, डहुआटांड, चौकी, सिकरूडीह आदि गांवों के ग्रामीणों एवं समाज सेवियों ने पेड़ों की अवैध कटाई पर रोक लगाने की मांग विभाग से की है. इस बाबत देवरी बीट के वनपाल नीरज कुमार पांडेय ने गुरुवार को बताया कि मामले की जांच-पड़ताल कर कारोबारियों को चिह्नित करने के बाद कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
