प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के तहत हर गरीब को शौचालय दिया गया. पुराने सरकारी भवनों की जगह नये सरकारी कार्यालय बनाये गये. लेकिन, अधिकारी व जन प्रतिनिधि की मंशा साफ नहीं रहने के कारण बिरनी प्रखंड मुख्यालय में ही स्वच्छ भारत अभियान का मजाक उड़ाया जा रहा है. इसके कारण दूर दराज से प्रखंड मुख्यालय आने वाले लोगों को खुले में शौच जाने की विवशता. इस समस्या के समाधान के प्रति कोई गंभीर नहीं है. मालूम रहे कि बिरनी प्रखंड सह अंचल कार्यालय में शौचालय बना हुआ है, लेकिन वहां पानी की व्यवस्था नहीं है. इस वजह से शौचालय का उपयोग लंबे समय से नहीं हो रहा है. वहां सिर्फ गंदगी भरी पड़ी है.
वाटर एटीएम बंद, खरीदकर पानी पीते हैं लोग
पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीण दुकान से पानी खरीदकर पीते हैं. सनद रहे कि बिरनी प्रखंड में राज्य सरकार ने तीन वर्ष पूर्व शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 10 लाख की लागत से वाटर एटीएम लगाया गया था. एक-दो दिन चलने के बाद से एटीएम बंद पड़ी हुई है. बंद पड़े वाटर एटीएम को अधिकारी व जनप्रतिनिधि प्रतिदिन देखते भी हैं बावजूद आज तक इसे चालू नहीं करवा पाये. एटीएम की जगह मशीन के ऊपर लगी पानी टंकी से सीधे नल लगाकर इसे चालू कर दिया गया, लेकिन यह भी नहीं चला. कुछ दिन बाद पाइप से नल भी गायब हो गया.
हैंडवाश यूनिट भी हो रही बेकार साबित
बता दें कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय में पानी पीने की समस्या को देखते हुए प्रमुख रामू बैठा ने प्रखंड कार्यालय से सटे पूर्व से निर्मित कूप की मरम्मत व हैंडवाश यूनिट का निर्माण एक लाख 65 हजार रुपये की लागत से वर्ष 2023 में करवाया. 15 दिन हैंडवाश यूनिट चालू रहा. इसके बाद कूप की सफाई नहीं होने के बाद कूप का जलस्तर नीचे चला गया और हैंडवाश का उपयोग बंद हो गया. तब से आज तक हैंडवाश यूनिट बेकार पड़ी है. इधर कई नल भी टूट गये हैंक्या कहते हैं बिरनीवासी
भाजपा नेता सुभाष वर्मा, सूरज कुमार मोदी, त्रिभुवन साव समेत अन्य लोगों ने कहा कि प्रखंड मुख्यालय में शौचालय है लेकिन उसमें पानी नहीं है. इसेक कारण शौचालय गंदा और बेकार पड़ा है. लोग दूर-दूर से आते हैं लेकिन जब शौच लगने पर लोगों को काफी दिक्कत होती है. खासकर महिलाओं को ज्यादा दिक्कत होती है.
क्या कहते हैं प्रमुख
प्रमुख रामू बैठा ने कहा कि सरकार मात्र 15 प्रतिशत राशि पंचायत समिति को देती है. कहा कि वाटर एटीएम लगाने में घोटाला हुआ है. इसकी जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए. पिछले वर्ष प्रखंड कार्यालय के बाहर हैंडवाश लगाया गया, लेकिन कुएं का पानी सूख गया.बीडीओ ने कहा
बीडीओ फणिश्वर रजवार ने कहा कि शौचालय व पानी की समस्या को देखते हुए इसे दुरुस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है. इसकी प्रक्रिया चल रही है. जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त का जायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
