हाथी ने बुधवार की रात भलपहरी गांव में आदिवासी समुदाये के एक व्यक्ति का कच्चे मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया, वहीं गुरुवार की अहले सुबह चिचाकी पिपराडीह के पास रेलवे लाइन के समीप बन रहे अंडरब्रिज स्थल पर मजदूरों की अस्थायी झोपड़ी को नुकसान पहुंचाया. हालांकि, जानमाल की क्षति नहीं हुई है.
भागने में एक मजदूर हुआ घायल
हाथी के आने की जानकारी पर मजदूर इधर-उधर भागने लगे. भागने के क्रम में एक मजदूर गिरकर मामूली रूप घायल हो गया. ग्रामीणों के अनुसार हाथी बुधवार की देर रात भलपहरी गांव की ओर पहुंचा और भोजन की तलाश में रेखा देवी पति रसिका मरांडी के कच्चे मकान को तोड़ दिया. मकान क्षतिग्रस्त होने के बाद हाथी चिचाकी पिपराडीह की ओर बढ़ गया. यहां रेलवे लाइन के पास निर्माणाधीन अंडरब्रिज स्थल पर बने मजदूरों के अस्थायी ठिकाने को भी नुकसान पहुंचाया. हाथी को देख मजदूरों में अफरा-तफरी मच गयी और सभी सुरक्षित स्थानों की ओर भागे. घटना की जानकारी मिलते ही बागोडीह गांव के मुखिया धानेश्वर साव भलपहरी पहुंचे तथा परिजनों से मिलकर वन विभाग से मुआवजा दिलाने की बात कही.
वन विभाग कर रही है निगरानी
इधर, वन विभाग की टीम क्षेत्र में पहुंची और निगरानी शुरू कर दी है. वन परिसर पदाधिकारी अंशु पांडेय ने बताया कि झुंड से बिछड़ा हाथी क्षेत्र में प्रवेश किया है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि हाथी से दूरी बनाए रखें और उसके साथ छेड़छाड़ नहीं करें. वन विभाग ने विशेष रूप से जंगल से सटे गांवों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. ग्रामीणों से कहा गया है कि रात में अकेले बाहर ना निकलें, अनावश्यक शोर नहीं मचायें. साथ ही हाथी को उकसाने वाले किसी भी प्रयास से बचें. विभाग की ओर से हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उसे सुरक्षित रूप से जंगल की ओर लौटाने के प्रयास किया जा रहा हैं. वन विभाग मोबाइल ऐप के माध्यम से लोगों को जंगली हाथी के आने की सूचना देते सतर्क रहने की अपील भी कर रहा है.
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