भाजपा की प्रदेश मंत्री शालिनी बैसखियार ने शुक्रवार को गिरिडीह में छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट की घटना की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक और छात्र को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार है. छात्रों के साथ धक्का-मुक्की और उन्हें दौड़ाकर खदेड़ने की तस्वीरें सामने आना गंभीर चिंता का विषय है.
झामुमो कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप
शालिनी बैसखियार ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने छात्रों के साथ मारपीट की. उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक आंदोलन में हिंसा और मारपीट का कोई स्थान नहीं है. छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है.
विरोध का जवाब हिंसा से नहीं दिया जा सकता
भाजपा प्रदेश मंत्री ने कहा कि विरोध का अधिकार सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष और छात्रों को भी है. लोकतंत्र में पुतला दहन या विरोध-प्रदर्शन का जवाब लाठी, हिंसा और मारपीट से नहीं दिया जा सकता. उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी मांगों और समस्याओं को शांतिपूर्ण तरीके से उठाने का पूरा अधिकार है.
वीडियो फुटेज से दोषियों की पहचान की मांग
शालिनी बैसखियार ने प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े वीडियो फुटेज की जांच कर दोषियों की पहचान की जानी चाहिए और छात्रों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए.
छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश स्वीकार नहीं
उन्होंने कहा कि झारखंड में युवाओं और छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी. भाजपा छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ मजबूती से खड़ी है. प्रशासन को राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए.
