Video: गिरिडीह में होली जुलूस पर पथराव के बाद आगजनी करने वालों की तलाश, भाजपा ने सरकार पर बोला हमला

Stone Pelting on Holi Procession: गिरिडीह जिले में होली जुलूस पर पथराव के बाद हुई झड़प और आगजनी के आरोपियों की तलाश में पुलिस जुट गयी है. इस मुद्दे पर राजनीति भी शुरू हो गयी है.

Stone Pelting on Holi Procession: गिरिडीह में होली के जुलूस पर पथराव और आगजनी करने वालों की तलाश में पुलिस जुट गयी है. जिले के घोड़थम्बा ओपी क्षेत्र में 2 समुदायों के बीच विवाद हो गया था. इसके बाद होली के जुलूस पर पथराव किया गया और आसपास की दुकानों में आग लगा दी गयी. इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया.

घोरथम्बा इलाके में 2 गुटों में होली जुलूस के दौरान हुई झड़प

पुलिस ने शनिवार को बताया कि घोरथम्बा इलाके में शुक्रवार को होली के जुलूस के दौरान 2 गुटों के बीच झड़प हो गयी, जिसमें कई लोग घायल हो गये. झड़प के दौरान कई दुकानों और वाहनों को जला दिया गया.

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गिरिडीह के एसपी बोले- स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में

गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक बिमल कुमार ने बताया है कि स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रण में है. माहौल बिगाड़ने वालों और झड़प में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है. जल्द सभी को गिरफ्तार कर लिया जायेगा. पुलिस उनकी तलाश में जुट गयी है. एसपी ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी. एसपी ने कहा है कि इलाके में शांति बनाये रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है.

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‘सरकार की तुष्टिकरण की राजनीति और प्रशासनिक तंत्र की विफलता का नतीजा’

इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई के अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस घटना के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर लिखा, ‘गिरिडीह के घोरथम्बा में होली के जुलूस पर पथराव और आगजनी की दुखद घटना हेमंत सोरेन सरकार की तुष्टिकरण की राजनीति और प्रशासनिक तंत्र की विफलता का नतीजा है.’

हिंदुओं के पर्व-त्योहारों पर हिंसा करना नया ट्रेंड बना – बाबूलाल

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हिंदुओं के पर्व-त्योहारों पर हिंसा करना नया ट्रेंड बन गया है. इसे बढ़ावा दे रही है घुसपैठियों की संरक्षक झामुमो और कांग्रेस की सरकार. नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि हर हिंदू पर्व त्योहार में हिंसा-उन्माद की घटनाएं देखकर ऐसा लगने लगा है कि राज्य सरकार खुद हिंदू विरोधी तत्वों को हिंसा के लिए प्रोत्साहित कर रही है. पर्व त्योहारों से पहले की जाने वाली शांति समिति की बैठकें, प्रशासन के फ्लैग मार्च सिर्फ औपचारिकता बन कर रह गये हैं.

शांति व्यवस्था बनाये रखने में फिसड्डी साबित हुए मुख्यमंत्री – मरांडी

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाये रखने में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन फिसड्डी साबित हुए हैं. दो पहले ही हेमंत जी ने अधिकारियों को विधि-व्यवस्था बनाये रखने का निर्देश दिया था. इसके बावज़ूद गिरिडीह में अप्रिय घटना को अंजाम दिया गया. शासन-प्रशासन पर उनका कोई नियंत्रण नहीं रह गया है.

सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण – अन्नपूर्णा देवी

केंद्रीय मंत्री और कोडरमा की सांसद अन्नपूर्णा देवी ने कहा है कि स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण गिरिडीह के घोड़थम्बा में स्थिति बिगड़ी. केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘प्रेम और भाईचारे के पर्व होली पर कुछ असामाजिक तत्वों ने सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास किया. यह दुर्भाग्यपूर्ण है.’

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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