शहरी क्षेत्र में चोरी, चेन स्नेचिंग और बाइक चोरी की बढ़ती घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. पिछले कुछ महीनों में लगातार सामने आ रही वारदातों से आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है. बाजार, मुख्य सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में चेन स्नेचर सक्रिय हैं, वहीं बाइक चोर दिनदहाड़े वारदात को अंजाम देकर फरार हो जा रहे हैं. बंद मकानों की रेकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं.
बंद मकान बन रहे निशाना, लाखों की संपत्ति चोरी
शहर में बंद घरों को निशाना बनाने की कई घटनाएं सामने आयी हैं. न्यू बरगंडा में अमित कुमार सिन्हा के बंद मकान से करीब सात लाख रुपये की संपत्ति चोरी हुई. वहीं, करबला रोड की गुरुकुल गली और बरगंडा स्थित पुराना साईं मंदिर में भी चोरी की घटनाएं हुईं. 12 मई को ग्रामीण बैंक की पीओ ज्योति सिन्हा के घर से लाखों रुपये की संपत्ति चोरी कर ली गयी. 31 मई को डॉक्टर्स लेन निवासी निखिल कुमार के बंद घर से करीब छह लाख रुपये की संपत्ति चोरी हुई.
दिनदहाड़े चेन स्नेचिंग से महिलाएं परेशान
चेन स्नेचिंग की घटनाओं ने महिलाओं की चिंता बढ़ा दी है. न्यू बरगंडा की शांति देवी से गैली होटल के पीछे बाइक सवार अपराधियों ने करीब तीन लाख रुपये की सोने की चेन छीन ली. मकतपुर स्थित बंगला स्कूल के पास मनीषा कपिश्वे को निशाना बनाया गया. वहीं, पावर हाउस के पास इवनिंग वॉक पर निकली आशा देवी की चेन भी छीन ली गयी. 16 अगस्त को सुनीता देवी से बाजार से घर लौटने के दौरान चेन स्नेचिंग की घटना हुई.
बाइक चोरी पर भी नहीं लग रहा अंकुश
शहर में बाइक चोरी की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं. 15 मार्च को मकतपुर से होम्योपैथिक चिकित्सक सुनील कुमार की बाइक चोरी हुई. इसके सात दिन बाद एलआइसी कार्यालय के पास बिरनी निवासी सुरेश प्रसाद की बाइक चोरी कर ली गयी. सात अप्रैल को पंजाबी मोहल्ला और सदर अस्पताल के पास भी बाइक चोरी की घटनाएं सामने आयीं.
सीसीटीवी के बावजूद अनुसंधान पर सवाल
लोगों का कहना है कि कई मामलों में सीसीटीवी फुटेज मिलने के बावजूद पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच पा रही है. लोगों के अनुसार, फुटेज में दिखने वाले संदिग्धों की पहचान और तकनीकी अनुसंधान तेज किया जाये तो अपराधियों की गिरफ्तारी में मदद मिल सकती है. लगातार हो रही घटनाओं के कारण लोग पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं.
संसाधन बढ़े, फिर भी पेट्रोलिंग पर सवाल
शहरी पुलिस के पास चारपहिया वाहन, पैंथर बाइक, टाइगर मोबाइल और ट्रिपल आर पेट्रोलिंग जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं. इसके बावजूद नियमित गश्त को लेकर लोगों की शिकायतें हैं. लोगों के अनुसार, पहले मोहल्लों में पुलिस की मौजूदगी अधिक दिखाई देती थी. अब कई बार घटना के बाद पुलिस के पहुंचने में भी समय लगने की शिकायत सामने आती है.
छह बाइक और चार चारपहिया वाहनों से हो रही पेट्रोलिंग
थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह ने बताया कि शहर में टाइगर मोबाइल और ट्रिपल आर के माध्यम से लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है. सायरन बजाने से लोगों को परेशानी होने की शिकायत के कारण अब रैंडम पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गयी है. छह बाइक और चार चारपहिया वाहनों से गश्त की जा रही है. थाना प्रभारी ने बताया कि वह स्वयं भी पेट्रोलिंग में शामिल रहते हैं.
