देवरी अंचल में राजस्व मामलों की 11 बिंदुओं पर मांगी सूचना, आरटीआई से उठे कई सवाल

देवरी अंचल में राजस्व विभाग से जुड़े 11 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई है. इस आवेदन से सेवा का अधिकार अधिनियम के अनुपालन से लेकर अवैध जमाबंदी तक के मामलों पर प्रकाश डालने की उम्मीद है.

देवरी अंचल में राजस्व विभाग से संबंधित विभिन्न मामलों की जानकारी और अभिलेखों की सत्यापित प्रतियां सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत मांगी गयी हैं. देवरी निवासी रामचंद्र चौधरी ने अंचल अधिकारी सह अंचल जन सूचना पदाधिकारी को आवेदन देकर सेवा का अधिकार अधिनियम के अनुपालन से लेकर नामांतरण, ऑनलाइन प्लॉट दर्ज करने, ऑनलाइन रसीद, अवैध जमाबंदी और राजस्व वसूली समेत 11 बिंदुओं पर जानकारी मांगी है.

सेवा का अधिकार अधिनियम के अनुपालन और कार्रवाई का ब्योरा मांगा

आवेदन में देवरी अंचल के विभिन्न हल्कों में सेवा का अधिकार अधिनियम के अनुपालन की स्थिति की जानकारी मांगी गयी है. साथ ही निर्धारित समय सीमा का पालन नहीं करने वाले पदाधिकारी-कर्मचारियों पर की गयी कार्रवाई और संबंधित विभागीय आदेशों की सत्यापित प्रतियां उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है.

आवेदक ने वर्ष 2025 में आयोजित ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम और सामान्य शिविरों के दौरान राजस्व विभाग को प्राप्त नामांतरण, म्यूटेशन, ऑनलाइन प्लॉट दर्ज करने और ऑनलाइन रसीद से संबंधित आवेदनों का विवरण भी मांगा है.

चार नामांतरण वादों से जुड़े अभिलेख मांगे

आरटीआई आवेदन में नामांतरण वाद संख्या 1198/R-27 वर्ष 2025-26, वाद संख्या 336 वर्ष 2025-26, वाद संख्या 363 वर्ष 2026-27 और वाद संख्या 1243 वर्ष 2025-26 से संबंधित दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां मांगी गयी हैं. इनमें राजस्व कर्मचारी और अंचल निरीक्षक की रिपोर्ट, ऑनलाइन-ऑफलाइन कार्रवाई, आपत्ति और जारी नोटिस से संबंधित अभिलेख शामिल हैं.

इसके अलावा सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत निर्धारित समय सीमा का पालन नहीं करने वाले कर्मियों या पदाधिकारियों पर की गयी कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गयी है.

ऑनलाइन म्यूटेशन और प्लॉट दर्ज करने की कार्रवाई का विवरण

आवेदन में 1 अप्रैल 2025 से 18 अगस्त 2026 तक देवरी अंचल में प्राप्त ऑनलाइन म्यूटेशन, प्लॉट दर्ज करने और ऑनलाइन रसीद से संबंधित सभी आवेदनों की सूची मांगी गयी है. प्रत्येक आवेदन पर की गयी कार्रवाई का पूरा विवरण और उसकी सत्यापित प्रति उपलब्ध कराने की मांग की गयी है.

अवैध जमाबंदी और वकासत खाते की जमीन पर भी जानकारी

आरटीआई में वर्ष 2026 तक देवरी अंचल में दर्ज अवैध जमाबंदी की सत्यापित सूची मांगी गयी है. इसके अलावा वकासत खाते के रैयतों की सूची और उनकी जमीन से संबंधित खरीद-बिक्री, नामांतरण, म्यूटेशन, ऑनलाइन प्लॉट दर्ज करने तथा ऑनलाइन रसीद निर्गत करने की कार्रवाई का 1 अप्रैल 2025 से 18 अगस्त 2026 तक का पूरा विवरण मांगा गया है.

यदि इन मामलों में किसी तरह का स्थगन या रोक लागू है, तो संबंधित विभागीय आदेश की प्रति भी मांगी गयी है.

गैरमजरूआ जमीन की रसीद और राजस्व वसूली का हिसाब मांगा

आवेदन में उक्त अवधि के दौरान गैरमजरूआ किस्म की जमीन के लिए जारी की गयी ऑनलाइन रसीदों का पूरा विवरण भी मांगा गया है. इसके साथ ही देवरी अंचल के सभी हल्कों और अंचल स्तर पर निर्धारित राजस्व वसूली लक्ष्य, वास्तविक वसूली और कर्मचारीवार वसूली का ब्योरा मांगा गया है.

लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली नहीं करने वाले पदाधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ की गयी कार्रवाई से संबंधित दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां उपलब्ध कराने की भी मांग की गयी है.

एक ही दिन में नामांतरण स्वीकृति वाले मामलों का भी ब्योरा

आवेदक ने वर्ष 2025 और 2026 में 18 अगस्त तक सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त नामांतरण आवेदनों में उन मामलों की सूची मांगी है, जिनमें राजस्व कर्मचारी की रिपोर्ट, अंचल निरीक्षक की रिपोर्ट और अंचल अधिकारी की ओर से नामांतरण की स्वीकृति नियमानुसार एक ही दिन में दी गयी हो.

आरटीआई आवेदन के माध्यम से मांगी गयी इन सूचनाओं से देवरी अंचल में राजस्व संबंधी विभिन्न प्रक्रियाओं, लंबित मामलों, कार्रवाई और अभिलेखों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है.


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By Rakesh sinha

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