Giridih News :बाल विवाह रोकने के लिए धर्मगुरुओं ने ली सामूहिक शपथ
Giridih News :बाल विवाह की कुप्रथा व अपराध के समूल उन्मूलन तथा बाल विवाह मुक्त पंचायतों के निर्माण के उद्देश्य से उपायुक्त के निर्देशानुसार बाल विवाह के विरुद्ध 100 दिवसीय विशेष एक्शन के तहत गुरुवार को गांडेय प्रखंड सभागार में विभिन्न समुदायों के धर्मगुरुओं के साथ परिचर्चा की गयी.
Giridih News :बाल विवाह रोकने के लिए धर्मगुरुओं ने ली सामूहिक शपथ
इस दौरान बाल विवाह पर रोक लगाने में उनसे सहयोग की अपील की गयी. इसमें धर्म गुरुओं के अलावा प्रमुख, सीओ, बाल अधिकार संगठन एवीए व जेआरसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे. सीओ सह सीडीपीओ मो हुसैन ने बाल विवाह मुक्त झारखंड के तहत 100 दिवसीय कार्ययोजना पर प्रकाश डाला. बताया कि राज्य सरकार के निर्देश व उपायुक्त के मार्गदर्शन में जिलेभर में बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूकता रथ, ग्राम सभा, शपथ समारोह, विभिन्न धर्मगुरुओं के साथ जन जागरूकता कार्यशाला व समुदाय आधारित कार्यक्रम किया जा रहा है. इस अवसर पर उपस्थित लोगों को बाल विवाह ना करने, ना होने देने तथा किसी भी संभावित बाल विवाह की सूचना बाल विवाह निषेध पदाधिकारी और प्रशासन को देने की शपथ भी दिलायी गया. कार्यक्रम में जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन के सहयोगी संगठन, नीति आयोग के डेवलपमेंट पार्टनर, एसोसिएशन फॉर वालंरी एक्शन के प्रतिनिधि समेत सभी महिला पर्यवेक्षिका व कर्मी मौजूद थे.
बाल विवाह की रोकथाम को ले धर्मगुरुओं के साथ कार्यशाला
बाल विवाह के समूल उन्मूलन एवं बाल विवाह मुक्त पंचायत निर्माण के उद्देश्य से प्रखंड में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में गुरुवार को देवरी प्रखंड के सभागार में विभिन्न समुदायों के धर्मगुरुओं के साथ कार्यशाला आयोजित हुई. इस कार्यशाला में धर्मगुरुओं के अलावा प्रखंड के पदाधिकारी, 20 सूत्री कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं सदस्य, बाल अधिकार संगठन के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे.
सभी वर्गों से सहयोग की अपील
डीसी के निर्देशानुसार बाल विवाह के विरुद्ध 100 दिवसीय विशेष एक्शन के तहत विभिन्न समुदायों के धर्मगुरुओं के साथ परिचर्चा आयोजित करते हुए सहयोग की अपील की जा रही है. देवरी के सीओ सह सीडीपीओ श्यामलाल मांझी ने बताया कि जिले भर में बाल विवाह की रोकथाम हेतु जागरूकता रथ, ग्राम सभा, शपथ समारोह, विभिन्न धर्मगुरुओं के साथ जन जागरूकता कार्यशाला एवं समुदाय आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से बाल विवाह पर रोक के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है. मौके पर उपस्थित लोगों को बाल विवाह न करने, न होने देने तथा किसी भी संभावित बाल विवाह की सूचना बाल विवाह निषेध पदाधिकारी और प्रशासन को देने की शपथ भी दिलायी गयी.
धर्मगुरुओं की भूमिका निर्णायक
कार्यक्रम में जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन के सहयोगी संगठन एवं नीति आयोग के डेवलपमेंट पार्टनर, एसोसिएशन फॉर वोलंट्री एक्शन के वरीय निदेशक ओमप्रकाश पाल ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन और बच्चों के साथ होनेवाला क्रूर अपराध है. इसे रोकने के लिए समाज के हर तबके को आगे आना होगा. बाल विवाह पर रोक में धर्मगुरुओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि शादियों को संपन्न करने में पंडित, मौलवी, काजी व पादरी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. यदि शादी कराने का निमंत्रण मिलने पर ये लोग लड़के-लड़की की आयु जांच लें और नाबालिग होने पर शादी कराने से इंकार कर दें तथा इसकी सूचना प्रशासन को दें, तो बाल विवाह के अपराध को खत्म किया जा सकता है. कार्यक्रम में जिप सदस्य बिमल कुमार सिंह, झामुमो नेता पौलुस हांसदा, पर्यवेक्षिका रजनी पाठक आदि शामिल थे.
Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.