एक महीने से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद कोर्ट से जमानत पर रिहा होकर जमुआ लौटे भाकपा-माले नेता रामेश्वर ठाकुर का रविवार को पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया. इस दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक और सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के कब्जे से बचाने का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा. जिला सचिव अशोक पासवान ने आरोप लगाया कि प्रशासन पार्टी के संगठन से बौखलाहट में कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेज रहा है.
सार्वजनिक जमीन बचाने को लेकर चला रहे थे आंदोलन
पार्टी नेताओं के अनुसार, रामेश्वर ठाकुर गांव की सार्वजनिक और सरकारी जमीन को कथित भू-माफियाओं के अवैध कब्जे से बचाने के लिए लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे. आरोप लगाया गया कि आंदोलन को कमजोर करने और उनकी आवाज दबाने के उद्देश्य से 20 जुलाई को उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.
अदालत से मिली राहत को बताया न्याय की जीत
भाकपा-माले नेताओं ने कहा कि रामेश्वर ठाकुर करीब एक महीने से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहे. इसके बाद अदालत में मामले की सुनवाई हुई और उन्हें जमानत पर रिहा किया गया. पार्टी समर्थकों ने इसे सत्य और न्याय की जीत बताया. जेल से लौटने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया.
जेल और मुकदमों से नहीं डरेंगे कार्यकर्ता
जिला सचिव अशोक पासवान ने कहा कि भू-माफियाओं के खिलाफ भाकपा-माले का आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता जेल और मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं. जनता के अधिकारों और सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा के लिए संघर्ष को और मजबूती दी जाएगी.
मौके पर एनुल अंसारी, राजेश दास, राजेंद्र राम, सुरेंद्र राय समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे.
