यह गांव तिसरी प्रखंड मुख्यालय से मात्र तीन किमीटर की दूरी पर स्थित. यहां की आबदी250-300 है. यहां तीन चापाकल हैं, लेकिन ड्राई जोन होने के कारण पानी नहीं निकलता है. इसके कारण लोग खासकर गर्मी के दिनों में गांव के बगल से बह रही एक संकरी नदी में चुआं खोदकर अपना प्यास बुझाते हैं.
सात लाख की नल जल योजना हो गयी बेकार, चेकडैम की नहीं मिल रहा फायदा
उक्त गांव में पेयजल आदि की समस्या के निदान के लिए चार वर्ष पूर्व उक्त नदी में सिंचाई विभागव ने तीन-तीन चेकडैम का निर्माण किया, लेकिन चेकडैम कचरा से भर गये. संबंधित विभाग से सफाई नहीं कराये जाने से लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है. दो वर्ष पूर्व ही कुड़ियामो में नल जल योजना के तहत लगभग सात लाख की की लागत से एक जलमीनार बनाया गया. तीन-चार दिनों तक जलमीनार से कुछ लोगों के घरों में पानी मिला, लेकिन इसके बाद से जलापूर्ति ठप है. दो वर्षों से जलमीनार खराब पड़ा है.
क्या कहते हैं गांव के लोग
ग्रामीण सुमा देवी, रेखा देवी, गीता देवी, आरती देवी, सिकंदर पासवान, मुकेश पासवान, आनंद पासवान,नरेश दयाल, प्रदीप पासवान, बाबूलाल दयाल समेत अन्य ने कहा कि कुड़ियामो में वर्षों से पेयजल संकट रहा है. यहां के लोग इसी नदी से पानी लाकर सभी काम करते हैं. राणाडीह, कुड़ियामो और पिपराटांड़ के पास तीन चेकडैम बने, लेकिन इसका भी फायदा नहीं मिला. नल जल योजना भी फ्लाप हो गयी. चुआं भी उनका सहारा है.
