सड़क हादसों से बचाव, साइबर अपराध के प्रति सतर्कता और नये भारतीय आपराधिक कानूनों की जानकारी देने के उद्देश्य से शनिवार को गुरुकुल शिक्षालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. ओपी प्रभारी धर्मेंद्र अग्रवाल ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, कानून और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े जरूरी उपाय बताये.
सड़क पर छोटी गलती पड़ सकती है भारी
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल वाहन चालकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है. विद्यार्थियों से सड़क पार करते समय सावधानी बरतने, दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गयी. बताया गया कि यातायात नियमों की अनदेखी से छोटी-सी गलती भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है.
नये आपराधिक कानूनों की भी दी जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को देश में लागू नये भारतीय आपराधिक कानूनों में हुए बदलावों की जानकारी दी गयी. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नागरिकों को अपने अधिकारों और कानून की सामान्य जानकारी होनी चाहिए. किसी आपराधिक घटना की जानकारी मिलने पर उसे छिपाने के बजाय अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को सूचना देने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया.
ओटीपी और पासवर्ड किसी से साझा न करें
साइबर सुरक्षा को लेकर विद्यार्थियों को विशेष रूप से सावधान किया गया. पुलिस ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी का खतरा भी बढ़ा है. विद्यार्थियों को अनजान व्यक्ति से ओटीपी, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी और निजी दस्तावेज साझा नहीं करने की सलाह दी गयी. संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत में सावधानी बरतने को कहा गया.
ठगी होने पर घबराने के बजाय हेल्पलाइन से संपर्क करें
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस या संबंधित साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए. विद्यार्थियों से खुद जागरूक रहने के साथ परिवार और आसपास के लोगों को भी सड़क एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की गयी.
मौके पर एसआइ आरएस तिवारी, सशस्त्र बल के जवान, प्रधानाचार्य रजनीकांत राजनीकर, उपप्रधानाचार्य डेगलाल राणा, प्रबंधक पवन माली समेत विद्यालय के शिक्षक-कर्मी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे.
