Giridih News: पुलिस ने दो शातिर साइबर अपराधियों को अहिल्यापुर से किया गिरफ्तार

Giridih News: गिरिडीह साइबर थाना की पुलिस ने दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. दोनों लंबे समय से साइबर ठगी कर रहे थे. खास बात यह है कि वो झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों के लोगों को भी अपने जाल में फंसाकर ठगी कर रहे थे.

गिरिडीह साइबर थाना की पुलिस ने दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. दोनों लंबे समय से साइबर ठगी कर रहे थे. खास बात यह है कि वो झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों के लोगों को भी अपने जाल में फंसाकर ठगी कर रहे थे. गिरफ्तारी अहिल्यापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पांदनिया मोड़ से मार्गोमुंडा जाने वाली मुख्य सड़क के समीप नावाडीह गांव से सटे एक डंगाल इलाके से की गयी. गिरफ्तार साइबर ठगों की पहचान देवघर जिले के मार्गोमुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत खिजुरियाटांड़ गांव निवासी मनीष कुमार मंडल (19 वर्ष) पिता कैलाश मंडल और मिथुन कुमार मंडल (19 वर्ष) पिता राजू मंडल के रूप में हुई है. शनिवार को एसपी डॉ विमल कुमार ने पपड़वाताड़ स्थित समाहरणालय सभागार में प्रेसवार्ता कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गिरिडीह पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ साइबर अपराधी इलाके में सक्रिय हैं और ठगी की योजना बना रहे हैं. सूचना के सत्यापन और त्वरित कार्रवाई के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था. इस टीम का नेतृत्व साइबर डीएसपी आबिद खान कर रहे थे.

तीन में से एक हो गया फरार

सूचना के आधार पर जब साइबर डीएसपी के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची, तो देखा कि तीन युवक मोबाइल और अन्य उपकरणों के जरिए साइबर ठगी की प्रक्रिया में लगे हुए हैं. पुलिस को अपनी ओर आते देख तीनों युवक अचानक वहां से भागने लगे. पुलिस ने दो आरोपियों को खदेड़कर पकड़ लिया, जबकि तीसरा मौके से फरार हो गया. दोनों युवकों ने पूछताछ में साइबर ठगी में शामिल होने की बात कबूल की. फरार आरोपी की तलाश में छानबीन जारी है.

एपीके फाइल का लिंक भेजकर करता था ठगी

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी एपीके फाइलों के ऐप इंस्टॉलेशन फाइल का लिंक भेजकर लोगों से साइबर ठगी करते थे. वे खुद को सरकारी एजेंसी से जुड़ा हुआ बताकर लोगों को झूठी सूचनाएं व्हाट्सएप पर भेजते थे. इसके साथ ही वे फर्जी एपीके फाइल का लिंक भी साझा करते थे, जिसे डाउनलोड करते ही वह व्यक्ति उनके जाल में फंस जाता था. जैसे ही कोई यूजर उस लिंक को क्लिक कर फाइल इंस्टॉल करता था, उसका मोबाइल हैक हो जाता था और उसके बैंकिंग डिटेल्स, ओटीपी, पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारियां सीधे इन अपराधियों के पास पहुंच जाती थीं. इसके बाद वे पीड़ित के खाते से बड़ी ही चालाकी से पैसे उड़ा लेते थे. जांच में पता चला कि उनके नंबर पर देश के विभिन्न हिस्सों से कुल 7 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं.

छापेमारी दल में शामिल अधिकारी व बरामद सामग्री

इस छापेमारी दल में साइबर डीएसपी के अलावा साइबर थाना प्रभारी अजय कुमार, एसआई गुंजन कुमार, एएसआई गजेंद्र कुमार, गांडेय थाना प्रभारी आनंद प्रकाश सिंह, अहिल्यापुर थाना प्रभारी गुलाम घोष हाशमी और पुलिस लाइन के शास्त्र बल शामिल थे, वहीं टीम ने उनके पास से 8 मोबाइल फोन व 9 सिम कार्ड भी बरामद किए है.

जांच अभी जारी है : एसपी

एसपी डॉ विमल कुमार ने बताया कि इन अपराधियों के खिलाफ दिल्ली से भी सूचना मिली थी, जिसके बाद उनके नंबर को प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से ट्रेस किया गया. इनकी संपत्ति की जांच की जा रही है. इनके साथ जो लोग इनके नेटवर्क से जुड़े हुए हैं, उनकी भी जांच की जा रही है.

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Author: MAYANK TIWARI

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