चुनाव प्रचार के माध्यम से वार्ड विकास को लेकर कई वादे किये गये हैं. वार्डों की बात करें तो वार्ड नंबर 35 में सर्वाधिक 11 महिलाएं चुनावी मैदान में हैं, वहीं महिला आरक्षित कई सीटों पर तीन-तीन महिला प्रत्याशी खड़ी हैं.
गत चुनाव में 18 महिलाएं चुनकर आयी थीं
विदित हो कि वार्ड नंबर तीन, नौ, 13, 14, 15, 17, 18, 20, 25, 26, 30, 31, 32, 33, 35, 36 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं. इन वार्डों के अलावे भी कई अन्य वार्डों से महिलाएं अपना भाग्य आजमा रही हैं. जाहिर है नये नगर निगम बोर्ड में महिला सशक्तीकरण का स्वरूप देखने को मिलेगा. वर्ष 2018 के निगम चुनाव में 18 महिला पार्षद चुनकर आयी थीं.ज्वलंत समस्याओं का समाधान बना चुनावी मुद्दा
इस चुनाव में ज्वलंत समस्याओं का समाधान जनता के लिए चुनावी मुद्दा रहा है. निगम क्षेत्र के अधिकांश वार्डों में पेयजल की समस्या है. यही वजह है कि मतदाताओं ने इन समस्याओं के समाधान पर बल दिया है. खासकर महिलाओं ने इस समस्या का स्थायी समाधान और संसाधनों को दुरुस्त करने पर जोर दिया है. इस अलावे नाली, गंदगी, मोहल्लों की जर्जर सड़क भी चुनावी मुद्दा रहे हैं. यही वजह है कि मतदाता काफी वाचफुल स्थिति में हैं.
