बेटे ने दोस्तों संग रची पिता को पुलिस गिरफ्त से भगाने की साजिश, CCTV से खुला राज; 4 गिरफ्तार

गिरिडीह में पुलिस गिरफ्त से मुखिया को छुड़ाने की साजिश का खुलासा हुआ है. बेटे ने दोस्तों के साथ मिलकर रची थी पूरी योजना, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार.

गिरिडीह कोर्ट परिसर से पुलिस की गिरफ्त से मुखिया को छुड़ाकर फरार कराने के मामले में नगर थाना की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया. गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बोलेरो वाहन भी बरामद किया है.

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार मुखिया को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाने की योजना उसके बेटे ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर तैयार की थी. मुखिया की गिरफ्तारी के बाद से ही आरोपी पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे और उसे छुड़ाने के लिए मौके की तलाश में थे.

सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

गिरफ्तार मुखिया को कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था. इसी दौरान उसके सहयोगियों ने पुलिस को चकमा देकर उसे छुड़ा लिया और बोलेरो से लेकर फरार हो गये. घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था.

मामले को लेकर नवडीहा पुलिस की ओर से नगर थाना में आवेदन दिया गया था. आवेदन के आधार पर नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की.

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जांच के दौरान पुलिस ने कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले. फुटेज और तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने घटना में शामिल युवकों की पहचान की. इसके बाद पुलिस को कुछ आरोपियों के अपने-अपने घरों में मौजूद होने की जानकारी मिली.

सूचना के आधार पर नगर थाना की पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में पुलिस को मुखिया को भगाने की साजिश और घटना में इस्तेमाल बोलेरो के संबंध में जानकारी मिली. आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बोलेरो भी बरामद कर लिया.

चारों आरोपी जेल भेजे गये

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में पचंबा थाना क्षेत्र के बोड़ो निवासी राजेश राम का 18 वर्षीय पुत्र राज कुमार, राम प्रवेश चौरसिया का 18 वर्षीय पुत्र रुद्र कुमार, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जोभी गांव निवासी रामेश्वर महतो का 18 वर्षीय पुत्र सचिन वर्मा और पचंबा थाना क्षेत्र के लखारी निवासी दिनेश्वर राणा का 20 वर्षीय पुत्र सचिन राणा शामिल हैं. चारों आरोपियों को शनिवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

गिरफ्तारी के बाद से ही की जा रही थी रेकी

पुलिस जांच में यह बात भी सामने आयी है कि मुखिया की गिरफ्तारी के बाद उसके बेटे और उसके कुछ दोस्तों ने उसे छुड़ाने की योजना बनायी थी. बताया जा रहा है कि मुखिया की गिरफ्तारी नवडीहा से होने के बाद से ही आरोपी पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे.

आरोपी यह पता लगाने में जुटे थे कि मुखिया को कहां ले जाया जा रहा है और पुलिस आगे क्या कार्रवाई करने वाली है. इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मुखिया को गिरिडीह लाकर कोर्ट में पेश किया जाएगा.

मेडिकल जांच के बाद कोर्ट ले जाते समय छुड़ाया

पुलिस के अनुसार, मुखिया को गिरफ्तार करने के बाद गिरिडीह लाया गया था. यहां सदर अस्पताल में उसकी मेडिकल जांच करायी गयी. मेडिकल जांच पूरी होने के बाद पुलिसकर्मी उसे कोर्ट में पेशी के लिए लेकर जा रहे थे.

इसी दौरान पहले से योजना बनाकर मौके की निगरानी कर रहे उसके बेटे और साथियों ने मौका देखकर पुलिस को चकमा दिया और मुखिया को अपने साथ लेकर फरार हो गये. बताया जाता है कि उसे भगाने के लिए आरोपियों ने पहले से ही बोलेरो वाहन की व्यवस्था कर रखी थी.

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घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की और एक-एक कर चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब मामले में मुखिया को भगाने की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.

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By Prabhat khabar news desk

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