गिरिडीह: जब तक सांसें रहेंगी, साथ निभायेंगे, शादी के वक्त लिया गया यह वादा एक बुजुर्ग दंपती ने अपनी आखिरी सांस तक निभाया. जीवन भर एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ देने के बाद दोनों ने एक ही दिन 8 घंटे के अंतराल पर दुनिया को अलविदा कह दिया. घर से एक साथ दोनों की अर्थियां निकलीं, तो देखने वालों की आंखें नम हो गईं. यह घटना बिरनी प्रखंड के सिमराढाब पंचायत के पथलडीहा गांव की है.
घटना को लेकर बिरनी के प्रमुख रामू बैठा ने कहा कि बीमार चौधरी तुरी का इलाज धनबाद के एक निजी अस्पताल में चल रहा था. बीते सोमवार की सुबह आठ बजे चौधरी तुरी की पत्नी कलवा देवी का देहांत हो गया था. महिला का दाह संस्कार कराने की प्रक्रिया चल रही थी कि इसी बीच चार बजे शाम को खबर आयी कि चौधरी तुरी का भी देहांत हो गया है.
सोमवार की देर शाम चौधरी तुरी के शव को परिवार के लोग धनबाद से घर लेकर आये. इसके बाद दोनों का मंगलवार को एक साथ दाह संस्कार कर दिया गया. कहा कि इस घटना से पूरे गांव के लोग मर्माहत हैं. पूरे इलाके में चर्चा की जा रही है कि उन्होंने अपने जीवन में सच्चा प्रेम किया था. शादी के दिन जिस तरह दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खायी थीं, उसे निभाते हुए दोनों इस दुनिया से भी एक साथ ही विदा हो गये.
घटना की सूचना मिलने पर सांसद प्रतिनिधि देवनाथ राणा, मुखिया दिलीप दास, झामुमो नेता संतोष कुमार समेत कई लोगों ने मृतक के घर जाकर परिवार को ढाढ़स बंधाया.
