महाजनी प्रथा और सूदखोरी के खिलाफ आंदोलन के दौर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले शहीद किशुन मरांडी का 31वां शहादत दिवस शनिवार को मनाया जाएगा. 22 अगस्त 1995 को एक साजिश के तहत उनकी हत्या कर दी गयी थी. शहादत दिवस को लेकर अहिल्यापुर मोड़ (ताराटांड) में तैयारियां अंतिम चरण में हैं.
1972 से आंदोलन में थे सक्रिय
शहीद किशुन मरांडी की पत्नी बबली मरांडी, पूर्व जिप सदस्य सह झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य, ने बताया कि उनके पति वर्ष 1972 से ही जमींदारी प्रथा, महाजनी प्रथा और सूदखोरी के खिलाफ दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ आंदोलन कर रहे थे. उस दौर में महाजनी प्रथा और सूदखोरी के खिलाफ चल रहे आंदोलन से जमींदारों में भी खलबली मच गयी थी.
इसी दौरान अलग झारखंड राज्य के लिए आंदोलन शुरू हुआ. किशुन मरांडी इस आंदोलन में भी गुरुजी के साथ कदम से कदम मिलाकर चले. आंदोलन के दौरान उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा.
झामुमो गठन के बाद बने थे गांडेय प्रखंड अध्यक्ष
बबली मरांडी के अनुसार झारखंड मुक्ति मोर्चा के गठन के बाद किशुन मरांडी को गांडेय प्रखंड अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली थी. वे संगठन और अलग झारखंड आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे. 22 अगस्त 1995 को एक साजिश के तहत उनकी हत्या कर दी गयी.
अहिल्यापुर मोड़ पर होगा शहादत दिवस समारोह
शनिवार को अहिल्यापुर मोड़ (ताराटांड) में शहीद किशुन मरांडी का 31वां शहादत दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम में झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, राज्यसभा सदस्य डॉ. सरफराज अहमद, गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन और झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह समेत पार्टी के जिला व प्रखंड कमेटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे.
अंतिम चरण में पहुंची कार्यक्रम की तैयारी
शहादत दिवस समारोह को लेकर अहिल्यापुर मोड़ पर तोरण द्वार और पंडाल समेत अन्य निर्माण कार्य अंतिम चरण में है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी कार्यक्रम को लेकर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है. आयोजन को लेकर झामुमो कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में उत्साह है.
कार्यक्रम की तैयारियों में झामुमो नेत्री बबली मरांडी, प्रखंड अध्यक्ष चांद मल मरांडी, प्रखंड सचिव मो. शब्बीर, बैजनाथ मुर्मू, मो. हलीम, महादेव सोरेन, मो. जब्बार, प्रधान हांसदा, बालेश्वर हांसदा, हेमलाल मरांडी, महालाल हेंब्रम, सुखलाल टुडू, शोएब अंसारी, अरविंद टुडू, राम मरांडी समेत कई लोग जुटे हैं.
