कस्तूरबा विद्यालय की चहारदीवारी पिछले दो सालों से टूटी हुई है. इसको लेकर अब तक मरम्मत की कवायद नहीं होने से स्कूल में पढ़ रही छात्राएं व शिक्षिकाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं. पुलिस-प्रशासन और विभाग को सूचना दिए जाने के बाद भी कोई सकारात्मक पहल नहीं होने से छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है.
जानकारी के अनुसार साल 2024 में बरसात के दिनों में कस्तूरबा विद्यालय गांडेय में छात्रावास के किनारे चहारदीवारी धराशाई हो गयी थी. चहारदीवारी टूटने के बाद स्कूल प्रबंधन ने विभाग को सूचना दी लेकिन कोई पहल नहीं हुई.
इसके बाद कई बार देर शाम स्कूल परिसर में असामाजिक तत्वों के घुस जाने एवं गाली गलौच करने का मामला भी सामने आया. मामले को लेकर स्कूल प्रबंधन ने पुलिस-प्रशासन से शिकायत भी की. इसके बावजूद आज तक न ही टूटी चहारदीवारी की मरम्मत की गई है.
विभाग को दिया गया है आवेदन : वार्डेन
कस्तूरबा विद्यालय की वार्डेन अमन जहां ने कहा कि पिछले वर्ष बरसात में ही चहारदीवारी टूटी है. मामले को लेकर विभाग को आवेदन दिया गया है. साथ ही मामले को लेकर प्रमुख एवं बीडीओ को भी सूचना दी जा चुकी है.
वरीय पदाधिकारी के संज्ञान में है मामला : प्रमुख
प्रमुख राजकुमार पाठक ने कहा कि यहां सिर्फ छात्राएं पढ़ती हैं. चहारदीवारी के टूटने से कई तरह की परेशानी होती है. मामले को जिप व दिशा की बैठक में उठाया गया है. वरीय पदाधिकारियों से चहारदीवारी की मरम्मत कराने की मांग रखी गई है.
