खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम यानी एमएमडीआर संशोधन अधिनियम के विरोध में झामुमो ने देवरी में आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है. सात सितंबर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से पहले पार्टी गांव और पंचायत स्तर पर जनजागरण अभियान चलायेगी. नुक्कड़ सभाओं और जनसंपर्क के जरिये लोगों को विधेयक के प्रावधानों और झारखंड के खनिज हितों पर इसके संभावित प्रभाव की जानकारी दी जायेगी.
चार जोन में बांटकर किये गये पर्यवेक्षक नियुक्त
झामुमो प्रखंड अध्यक्ष मोजाहिद अंसारी ने बताया कि अभियान के लिए देवरी प्रखंड को चार जोन में बांटकर पर्यवेक्षक नियुक्त किये गये हैं. कार्यकर्ताओं को गांव-पंचायत स्तर पर लोगों से संपर्क करने और सात सितंबर के धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
10 जगहों पर होगी नुक्कड़ सभा
पार्टी के अनुसार किसगो, कोदंबरी, मंडरो, घोरंजी, देवरी, चतरो, तेतरिया, सलैयाटांड़, फुटका और जवारी बोंगामोड़ में नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जायेंगी. इनमें विधेयक से जुड़े मुद्दों पर लोगों को जानकारी देने के साथ आंदोलन में शामिल होने की अपील की जायेगी.
खनिज संपदा और राज्य हित बनेगा मुद्दा
झामुमो का कहना है कि एमएमडीआर संशोधन अधिनियम राष्ट्रीय स्तर का विषय है, खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड के लिए इसका सीधा आर्थिक महत्व है. अभियान में राज्य के खनिज संसाधनों, राजस्व और स्थानीय हितों पर संभावित प्रभाव को प्रमुखता से उठाया जायेगा. पार्टी का लक्ष्य धरना-प्रदर्शन से पहले मुद्दे को गांव-गांव तक पहुंचाकर व्यापक जनसमर्थन जुटाना है।
