JMM Foundation Day 2026, गिरिडीह (धर्मेंद्र गुप्त की रिपोर्ट): झामुमो के स्थापना दिवस समारोह में गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने राज्य की पहचान, संघर्ष और भविष्य की दिशा पर विस्तार से अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि झारखंड संघर्ष और बलिदान की वह पवित्र धरती है, जहां हर दिन एक नई कहानी लिखी जाती है और यह वैचारिक संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है. कल्पना सोरेन ने अपने संबोधन की शुरुआत संथाली भाषा में की और फिर हिंदी में जल, जंगल व जमीन की रक्षा के लिए तीन पीढ़ियों के योगदान को याद किया.
जनता को बताया परिवार, भावुक हुईं कल्पना
अपने संबोधन के दौरान कल्पना सोरेन काफी भावुक नजर आईं और उन्होंने कहा कि कठिन समय में झारखंड की जनता ने उनके परिवार का ढाल बनकर साथ दिया है. उन्होंने कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के लोगों ने उन्हें केवल एक बहू के रूप में नहीं, बल्कि अपनी बेटी के रूप में अपनाया और हर मुश्किल घड़ी में सहारा दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि, तीसरी पीढ़ी के कंधों पर अब इस महान संघर्ष को आगे ले जाने की बड़ी जिम्मेदारी है.
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विपक्ष पर प्रहार और विकास का संकल्प
कल्पना सोरेन ने बिना नाम लिए विपक्ष पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि, लंबे समय तक सत्ता में रहने वालों ने कभी जनता के वास्तविक विकास पर ध्यान नहीं दिया. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ‘विजन 2050’ का जिक्र करते हुए बताया कि, सरकार वर्ष 2050 तक झारखंड को एक विकसित और वैश्विक पहचान दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने सर्वजन पेंशन योजना और ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ जैसी योजनाओं को राज्य के शोषित व वंचित वर्गों के लिए गेम-चेंजर बताया.
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और युवाओं से अपील
रोजगार के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि, अब राज्य में जेपीएससी (JPSC) और सीजीएल (CGL) जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित हो रही हैं. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और सरकार के विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं. उन्होंने अंत में दोहराया कि, झारखंड को उसके अधिकार कभी मांगने से नहीं मिले, बल्कि हमेशा संघर्ष से हासिल हुए हैं, इसलिए एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है.
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